हरिद्वार जमीन घोटाले में धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 IAS और 1 PCS अफसर समेत कुल 12 लोग सस्पेंड कर दिए गए है।
अधिकारियों पर गाज गिरने के साथ इस मामले ने शासन से तीन ओर अहम फैसले लिए गए है।
धामी सरकार के भरस्टाचार पर की गई कार्यवाही को Social Media ने भी हाथी हाथ लिया है।
इस मामले में शासन ने नगर निगम में उस समय के आयुक्त IAS Varun Chaudhary के कार्यकाल के ऑडिट कराया जाएगा।
साथ ही इस मामले में सेल डीड को भी निरस्त कर उसके खाते में गए पैसे को वापस लिया जाएगा।
इसके साथ साथ इस पूरे मामले की विजिलेंस जांच के साथ साथ प्रसासनिक जांच की जाएगी।
प्रशासनिक जांच प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी जो अपनी रिपोर्ट को शासन को सौंपेगे।
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विजिलेंस ओर प्रसासनिक दोनों जांच साथ साथ चलेंगी। जिससे इस मामले के सभी पहलू सामने आने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में पहली बार ऐसा हुआ है कि सत्ता में बैठी सरकार ने अपने ही सिस्टम में बैठे शीर्ष अधिकारियों पर सीधा और कड़ा प्रहार किया है।
विपक्ष नही संतुष्ठ
धामी सरकार की जमीन घोटाले पर की गई कार्यवाही पर विपक्ष संतुष्ठ नजर नही आ रहा है। काँग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने इस मामले में सफेद कॉलर के शामिल होने का आरोप लगाते हुए मामले में बड़े अधिकारियों को बचाये जाने की बात कही।
उन्होंने सस्पेंड अधिकारियों को कार्मिक ओर सतर्कता विभाग में अटैच करने पर भी सवाल खड़े किया।
उन्होंने कहा कि ससपेंड अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभाग में भेजना कंही न कंही जांच को प्रभावित करने की कोशिश वाला बताया।


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