पोर्टफोलियो बंटवारे में दिखाई ‘धुरंधर गिरी’, मदन कौशिक समर्थकों में निराशा
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने फैसलों से चौंकाया है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद हुए पोर्टफोलियो बंटवारे में धामी ने संतुलन और सियासी रणनीति का ऐसा मिश्रण दिखाया, जिसे राजनीतिक गलियारों में ‘धुरंधर गिरी’ कहा जा रहा है।
फोर्टफोलियो बंटवारे में सबसे बड़ा झटका हरिद्वार शहर से पांच बार के विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक के समर्थकों को लगा। शपथग्रहण के बाद से ही उन्हें वित्, शहरी विकास या संसदीय कार्य मंत्री जैसे भारी भरकम विभाग मिलेंगे। उन्हें पंचायती राज, आयुष, आयुष शिक्षा और जनसंख्या जैसे विभागों की जिम्मेदारी मिली जिससे मदन समर्थकों में मायूसी देखी जा रही है।
हालांकि शपथ ग्रहण के बाद से ही हरिद्वार में उनके समर्थक और राजनीतिक जानकार यह कयास लगा रहे थे कि उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें शहरी विकास या वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए जा सकते हैं।
दरअसल मंत्रिमंडल विस्तार में त्रिवेंद्र सिंह रावत खेमे से संतुलन साधने की चर्चा के बीच उनको शामिल करना माना जा रहा था। मदन कौशिक की एंट्री को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा था। ऐसे में उम्मीद थी कि उन्हें मजबूत विभाग देकर राजनीतिक संतुलन साधा जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं दिखा।
वहीं, नए मंत्रियों में राम सिंह खेड़ा को अहम और भारी-भरकम विभाग सौंपे गए हैं। इसके अलावा रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।
कुल मिलाकर, पोर्टफोलियो बंटवारे में मुख्यमंत्री धामी ने साफ कर दिया है कि सरकार में संतुलन के साथ-साथ अपनी पकड़ मजबूत रखना उनकी प्राथमिकता है। वहीं, हरिद्वार की राजनीति में इस फैसले के बाद नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

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