FDA Haridwar – जांच में पनीर का सैंपल हुआ था फेल, कोर्ट ने अब सुनायी सजा
असुरक्षित पनीर बेचने पर पनीर निर्माता और विक्रेता को 6 – 6 माह की सजा और 10 हजार का CJM कोर्ट ने लगाया जुर्माना
हरिद्वार। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बाद असुरक्षित पनीर बेचने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट हरिद्वार ने अलग-अलग मामलों में दोषी को सजा सुनाई है।
अदालत ने प्रत्येक मामले में अलग-अलग 6-6 माह के कठोर कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2023 में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान भगवानपुर क्षेत्र में एक संदिग्ध वाहन से पनीर की खेप पकड़ी गई थी। जांच में पाया गया कि वाहन में लगभग 200 किलो पनीर
सप्लाई के लिए ले जाया जा रहा था।
विभागीय टीम ने मौके पर पनीर के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजे थे। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पनीर के नमूने फेल पाए गए और उन्हें मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित किया गया।
इसके बाद विभाग की ओर से संबंधित आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किया गया। सुनवाई के दौरान विभाग ने पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार ने आरोपी को दोषी मानते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 59(1) के तहत सजा सुनाई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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