हरिद्वार। कांग्रेसियों को एकजुट करने के लिए उत्तराखंड पहुंची कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी के इस दौर ने हरिद्वार में दलित और ठाकुर की आग को हवा देने का काम किया है।
शायद यही वजह है की प्रियंका के दौरे के तुरंत बाद पार्टी के 6 बड़े नेताओं ने अपने को चुनाव प्रचार से अलग करने का एलान करते हुए अलविदा कह दिया है।
हालंकि अभी इस मामले में हरीश रावत और कांग्रेस प्रत्याशी वीरेंद्र रावत की प्रतिक्रिया आनी अभी बाकी है।
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दरअसल पूरा मामला प्रियंका गांधी से मिलने वालो की सूची के नामों को लेकर बिगड़ा। जिसके बाद अब पार्टी के भीतर ये दलित नेता ठाकुर प्रत्याशी होने की बात कहते हुए अपने को अलग करने का दावा कर रहे है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल हरिद्वार की रुड़की में प्रियंका की जनसभा के लिए कांग्रेस की तरफ से कुछ नाम तय किए गए जिन्हे जनसभा से पहले लाइन अप कर प्रियंका से मिलवाना था। जिसके लिए करीब 199 नेताओं की सूची तैयार की गई। लेकिन इस सूची में कुछ नेताओं के नाम न होना ही खेला कर गया। जिन 6 नेताओं के नाम इस सूची में प्रदेश की बड़ी सिफारिश के बाद भी शामिल नहीं किए गए जिसके बाद नाराजगी सोशल मीडिया पर आ गई और बात जय कांग्रेस करते हुए अलविदा तक जा पहुंची।
कौन से नेता नही हो पाए लाईन-अप
दरअसल जिन 6 नेताओं को इसमें शामिल नहीं किया गया वे बड़े दलित नेता के नजदीक माने जाते है। जिसके बाद पार्टी की गुटबाजी की कलई फिर खुल गई। 6 नाराज नेताओं में जतिन हांडा, सोनू लाला, इरशाद और रकित वालिया सहित दो और नेता है जिन्हे इस सूची में शामिल नहीं किया गया।
क्या कहते है नाराज नेता जी ?
नाराज 6 नेताओं में रकित वालिया से जब इस बाबत बात की गई तो उन्होंने कहा की वे दलित नेता के समर्थक है और पार्टी का प्रत्याशी ठाकुर है शायद इसलिए उनका नाम इस सूची में नहीं रखा गया।
उन्होंने आगे कहा की अगर इसी तरह से चुनाव लडा जाना है तो फिर वे अब चुनाव से किनारा करते हुए कांग्रेस को अपना वोट देंगे लेकिन प्रचार के लिए फिलहाल अलविदा।


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