March 16, 2026

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People scared about valgarity in swarn Jayanti park BHEL Haridwar

स्वर्ण जयंती पार्क : सुकून की जगह या बढ़ती अश्लीलता का ‘अड्डा’?

स्वर्ण जयंती पार्क : सुकून की जगह या बढ़ती अश्लीलता का ‘अड्डा’?

 

*परेशान हैं परिवार, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल*

 

-त्रिलोक चन्द्र भट्ट

 

हरिद्वार। सार्वजनिक पार्कों का निर्माण सभी नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ मनोरंजन स्थल के रूप में किया जाता है, लेकिन जब वहां की मर्यादा भंग होने लगती है, तो आम जनता और सभ्य परिवार के लोग वहां जाने में असहज महसूस करते हैं और जिस उद्धेश्य के लिए पार्कों का निर्माण किया जाता है, वह अपनी पहचान खोने लगते हैं। ऐसे ही पार्कों में सुमार हरिद्वार जनपद का एक मात्र और सबसे बड़ा पार्क अपना पुराना स्वरूप खो चुका है।

बीएचईएल के सेक्टर तीन स्थित विशाल भू-भाग में फैले इस इस पार्क का उद्घाटन भारत के महारत्न संस्थान बीएचईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ए0 गविसिद्वदप्पा द्वारा 33 साल पहले 20 जुलाई, 1993 को किया गया था।

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बीएचईएल ने इस पर भारी-भरकम राशि खर्च कर इसे बहुत ही सुन्दर बनाया था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण इसका पुराना स्वरूप धीरे-धीरे खराब होता चला गया। किसी समय बीएचईएल उपनगरी का गौरव कहा जाने वाला यह स्वर्ण जयंती पार्क खराब हालातों से जूझता हुआ, दिनों दिन अपनी पहचान खोता जा रहा है।

जिस पार्क का निर्माण बुजुर्गों के टहलने, बच्चों के खेलने और परिवारों के साथ फुर्सत के पल बिताने के लिए किया गया था, वह अब प्रेमी युगलों के ‘मिलन केंद्र’ और ‘पिकनिक स्पॉट’ में तब्दील हो गया है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि सभ्य परिवारों ने अब यहाँ आने से तौबा करना शुरू कर दिया है।

वहां की फुलवारियां और सौन्दर्यीकरण भी पहले की तरह नहीं है, न पेड़-पौधों का सही रखरखाव है और न ही साफ-सफाई People scared about valgarity in swarn Jayanti park BHEL Haridwar ढंग से होती है।

 

मर्यादा की सीमाएं लांघते ‘सोशल मीडिया’ के दीवाने

पार्क में शाम ढलते ही नजारा पूरी तरह बदल जाता है। यहाँ प्रेमी युवक-युवतियों के झुंड दिखाई देते हैं, जो सार्वजनिक स्थान की मर्यादा को पूरी तरह भूल चुके हैं।

 

People scared about valgarity in swarn Jayanti park BHEL Haridwar आपत्तिजनक हरकतें: हाथ में हाथ डालना और गले मिलना तो अब आम हो चुका है, लेकिन कई बार ये जोड़े ऐसी अश्लील हरकतें करते हैं कि वहां से गुजरने वाले बुजुर्गों और महिलाओं को शर्म से अपनी नजरें झुकानी पड़ती हैं।

 

*रील संस्कृति का दुष्प्रभाव:* पार्क की सुंदरता अब इंस्टाग्राम रील्स और फोटो शूट की भेंट चढ़ रही है। मोबाइल कैमरों के साथ युवक-युवतियां घंटों तक आपत्तिजनक पोज देते नजर आते हैं, जिससे अन्य लोगों की निजता और शांति भंग होती है।

 

*बुजुर्गों और बच्चों के हक पर ‘कब्जा’*

पार्क में बुजुर्गों और थक चुके पर्यटकों के बैठने के लिए जो बेंचें लगाई गई थीं, उन पर अब प्रेमी जोड़ों का एकछत्र राज रहता है।

 

People scared about valgarity in swarn Jayanti park BHEL Haridwar ‘हम बच्चों को लेकर यहाँ आते हैं ताकि वे खुली हवा में खेल सकें, लेकिन बेंचों पर बैठे जोड़ों की अश्लीलता देखकर कई बार बच्चों को वापस ले जाना पड़ता है। बैठने के लिए जगह नहीं मिलती और माहौल ऐसा है कि परिवार के साथ खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है।’ -हरजीत सिंह एक व्यथित स्थानीय निवासी

 

*बाहरी तत्वों का जमावड़ा*

जांच और छानबीन में यह बात सामने आई है कि पार्क का माहौल बिगाड़ने वाले इन युवाओं में से अधिकांश बीएचईएल उपनगरी के निवासी नहीं हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है जो सिडकुल की कंपनियों में कार्यरत हैं या बीएचईएल के आसपास की निजी कॉलोनियों में किराए पर रहते हैं। बाहरी क्षेत्र से आने वाले इन युवाओं के लिए यह पार्क एक सुरक्षित मनोरंजन स्थल बन गया है।

 

*प्रशासन और पुलिस की उदासीनता*

पार्क की इस दुर्दशा के लिए स्थानीय बीएचईएल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली भी कटघरे में है।

 

*गश्त की कमी:* पार्क के भीतर पुलिस की नियमित गश्त न होने के कारण मनचलों और असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।

 

*बीएचईएल प्रशासन की सुस्ती:* पार्क के रख-रखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाला प्रशासन मौन साधे बैठा है। न तो गेट पर सही चेकिंग होती है और न ही पार्क के भीतर सुरक्षा गार्ड सक्रिय नजर आते हैं।

 

*समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत*

यदि स्वर्ण जयंती पार्क को फिर से पहले की तरह सुन्दर और परिवारों के लायक बनाना है, तो निम्नलिखित कदम उठाने अनिवार्य हैं:

 

*एंटी-रोमियो स्क्वाड की सक्रियता:* पुलिस प्रशासन को शाम के समय सादे कपड़ों में महिला और पुरुष कर्मियों की तैनाती करनी चाहिए।

 

*सख्त चेतावनी बोर्ड:* पार्क के भीतर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं कि अश्लीलता फैलाने या आपत्तिजनक व्यवहार करने पर कानूनी कार्रवाई और भारी जुर्माना होगा।

 

*आईडी कार्ड और एंट्री फीस:* बाहरी तत्वों को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश के समय पहचान पत्र की अनिवार्य जांच और एक निर्धारित शुल्क लागू किया जाना चाहिए।

 

सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग और सामाजिक मर्यादा का हनन किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। यदि समय रहते पुलिस और बीएचईएल प्रशासन ने उचित कार्यवाही नहीं की, तो स्वर्ण जयंती पार्क अपनी गरिमा पूरी तरह खो देगा और आम जनता के लिए इसके दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो जाएंगे।

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