क्या मदन कौशिक नाराज हैं या फिर वे किसी ओर काम मे व्यस्त थे। दरअसल यह सवाल उनके सीएम धामी की गंगा आरती में न शामिल होने के चलते खड़ा हो रहा है।
प्रचंड बहुमत मिलने के बाद बुधवार को पुष्कर सिंह धामी ने शपथ ली।
कैबिनेट में मदन सहित चार वरिष्ठ नेताओं को शामिल नही किया गया।
जिसके बाद मदन कौशिक का सीएम धामी के साथ उनके गृह क्षेत्र में गंगा आरती में शामिल न होना कई सवाल खड़ा करता है।
हरिद्वार में सीएम के साथ गंगा आरती में ना शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा।
हालांकि मदन कौशिक की ओर से इस पर किसी भी तरह की कोई टिप्पणी नहीं मिलपाई है।
लेकिन हरिद्वार में इस बात की चर्चा जोरों पर रही थी उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान न मिल पाने के चलते वे सीएम की इस गंगा आरती में शामिल नहीं हुए।
उत्तराखंड के 12वीं मुख्यमंत्री बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी सीधा हरिद्वार मां गंगा के द्वार पहुंचे।
यहां उन्होंने गंगा का पूजन किया और गंगा आरती में भाग लिया।
सबसे अहम बात यह है कि उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और हरिद्वार शहर सीट से विधायक मदन कौशिक उनके साथ इस गंगा आरती में शामिल नहीं हुए।
पुष्कर सिंह धामी के साथ गंगा पूजा में केवल रानीपुर विधायक आदेश चौहान और लक्सर से पूर्व बीजेपी विधायक संजय गुप्ता ही शामिल हुए।
इसके अलावा बड़ी संख्या में संत और तीर्थ पुरोहित भी शामिल हुए।


More Stories
राष्ट्रीय लोक दल का गढ़वाल मंडल कार्यकर्ता सम्मेलन में 2027 की ललकार
Dhami सरकार ने दायित्व्य धारियों की नई सूची की जारी
Haridwar News: कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की ग्रामीण में बढ़ी सक्रियता पर पार्टी के भीतर उठे सवाल