September 11, 2026

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Sants come forward to help Nepal desaster victims

नेपाल त्रासदी में मदद के लिए आगे आए संत, 30 मिनट में जुटाए 38 लाख रुपए

नेपाल त्रासदी में मदद के लिए आगे आए संत, 30 मिनट में जुटाए 38 लाख रुपए

अखाड़ा परिषद की बैठक में इस आर्थिक सहायता को 51 लाख किए जाने का हुआ निर्णय

हरिद्वार। नेपाल में आई त्रासदी से निपटने के लिए धर्म नगरी हरिद्वार से संत आगे आए हैं।

गुरुवार को बड़ा उदासीन अखाड़े में अखाड़ा परिषद के संतों और आश्रमों के महंतों ने एक आपातकाल बैठक कर नेपाल Sants come forward to help Nepal desaster victims की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाएं।

बैठक में सभी अखाड़ों और आश्रमों की तरफ से करीब 38 लाख रुपए की आर्थिक सहायता एकत्र की गई।

संतो को कहना है कि अन्य अखाड़े और आश्रमों से बात कर इस धनराशि को 51 लाख कर डीएम के माध्यम से इसे नेपाल की सहायता के लिए भेजा जाएगा।

Sants come forward to help Nepal desaster victims अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि सभी अखाड़े के संतों महंतों ने आपात बैठक कर नेपाल की हर संभव मदद का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि इस आपात बैठक में करीब 38 लाख रुपये जुटाए गए। जिसे अन्य अखाड़े और संतों के साथ वार्ता कर 51 Sants come forward to help Nepal desaster victims लाख किया जाएगा और जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से इसे नेपाल भेजा जाएगा।

अकेले 11 लाख की मदद करने वाले अखाड़ा परिषद के मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज ने कहा कि कुंभ की तैयारी को विराम देते हुए नेपाल की मदद का बीड़ा अखाड़ा परिषद ने उठाया है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति की दाढ़ी में आग लगी हो तो बाहर की आग से पहले दाढ़ी की आग बुझाई जाती है और नेपाल हमारे लिए शरीर की दाढ़ी है।

Sants come forward to help Nepal desaster victims और इसमें भरपूर मदद सभी संतो महंतों के द्वारा की जा रही है।

गरीबदासी आश्रम के स्वामी रवि देश शास्त्री ने बताया कि उन्होंने पहले युवा भारत साधु समाज के साथ बैठक कर आर्थिक सहायता जुटाया।

उसके बाद अखाड़ा परिषद के साथ मिलकर उनका सहयोग लिया और अब अन्य सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ बैठक कर वह अधिक से अधिक नेपाल की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।

बड़ा उदासीन अखाड़ा के मुखिया महंत राम मुनि दास जी ने कहा कि जब भी देश विदेश में कही भी आपदा आती है तो मदद के लिए हमेशा संत सबसे आगे रहते है। नेपाल त्रासदी में भी संतों ने पहल की है जिसमें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी की अगुवाई में सभी अखाड़े आगे आकर मदद कर रहे है।

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