September 23, 2026

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Power shortage of up to 350 MW during peak hours; instructions issued to improve the situation within a week.

पीक आवर्स में 350 मेगावाट तक बिजली की कमी, एक सप्ताह में सुधार के निर्देश

पीक आवर्स में 350 मेगावाट तक बिजली की कमी, एक सप्ताह में सुधार के निर्देश

हरिद्वार, 22 सितंबर। प्रदेश में इन दिनों पीक आवर्स के दौरान करीब 350 मेगावाट विद्युत की कमी सामने आ रही है।

बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर के चलते आवश्यकता पड़ने पर कुछ क्षेत्रों में आपातकालीन विद्युत कटौती करनी पड़ रही है।

Power shortage of up to 350 MW during peak hours; instructions issued to improve the situation within a week.विद्युत कमी के प्रमुख कारणों में राष्ट्रीय स्तर पर कोयला आधारित विद्युत उत्पादन में कमी, पावर एक्सचेंजों से सीमित बिजली उपलब्ध होना तथा राज्य और केंद्रीय जल विद्युत परियोजनाओं से अपेक्षाकृत कम उत्पादन शामिल है। इसके अलावा टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की दो इकाइयों के तकनीकी कारणों से बंद रहने के कारण भी पीक आवर्स में करीब 100 मेगावाट विद्युत क्षमता प्रभावित हो रही है।
नदियों में जल प्रवाह कम होने के कारण जल विद्युत उत्पादन भी पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में घटा है। सितंबर 2025 की तुलना में वर्तमान में पीक आवर्स के दौरान राज्य एवं केंद्रीय जल विद्युत गृहों से औसतन करीब 250 मेगावाट कम उत्पादन दर्ज किया जा रहा है।
वर्तमान परिस्थितियों में पावर एक्सचेंजों से अधिकतम दरों पर भी पीक आवर्स के दौरान अतिरिक्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। वहीं, ग्रिड की सुरक्षा और स्थिरता को देखते हुए एनआरएलडीसी द्वारा निर्धारित सीमाओं के अनुसार ओवरड्रॉ की अनुमति भी सीमित की जा रही है।
विद्युत की संभावित कमी को देखते हुए यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने विद्युत कमी के कारणों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति समीपवर्ती राज्यों की तुलना में बेहतर है।
समीक्षा के दौरान प्रबंध निदेशक ने स्थिति में तत्काल सुधार के निर्देश दिए और एक सप्ताह के भीतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार लाने को कहा। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रीय इकाइयों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अनुरक्षण कार्यों का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि नवीन निर्माण एवं परियोजना संबंधी कार्यों के लिए अलग से विद्युत आपूर्ति बाधित न की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

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