युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना धामी सरकार की प्राथमिकता: सुनील सैनी
हरिद्वार। राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि धामी सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के युवाओं को राज्य में ही शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए अपना घर और प्रदेश छोड़ने की मजबूरी न हो।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं के पास नया विजन, बेहतर सोच और कुछ कर गुजरने का जुनून है।
सुनील सैनी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही युवाओं के हित में निरंतर कार्य करते आ रहे हैं।
देवभूमि उत्तराखंड भले ही एक पर्वतीय राज्य है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने बहुत बड़े हैं। आज की युवा पीढ़ी केवल सपने ही नहीं देखती, बल्कि उन्हें पूरा करने का साहस भी रखती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उत्तराखंड के युवाओं में से कोई वैज्ञानिक, शिक्षक, खिलाड़ी, नेता या अभिनेता बनकर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
युवाओं की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं और वे जिज्ञासु होने के साथ-साथ नई संभावनाओं को तलाशने की क्षमता
रखते हैं।
राज्य मंत्री ने कहा कि धामी सरकार अब तक लगभग 35 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में देहरादून में आयोजित रोजगार मेले में 249 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
सरकार हर वर्ग के युवा को आगे बढ़ने और विकास में भागीदारी का अवसर दे रही है। युवाओं के लिए निशुल्क कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
सुनील सैनी ने कहा कि यह सर्वविदित है कि भारत का भविष्य युवाओं के कंधों पर है। युवा प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें अपनी ऊर्जा को राज्यहित में लगाते हुए उत्तराखंड के विकास में निरंतर सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की पूरी क्षमता है। सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ काम किया है।
अब योग्यता के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है और इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
राज्य मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने की पूरी क्षमता रखते हैं।
उन्होंने कहा कि युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और राज्य के हित में कई महत्वपूर्ण एवं सशक्त फैसले लिए गए हैं।

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