Haridwar Kumbh 2027 मेले को लेकर नहीं मिला कोई निमंत्रण, संतों की नाराजगी, जुना अखाड़ा का बड़ा बयान
कुछ ही घंटों में अपने बयान से पलटे अखाड़ा परिषद महामंत्री हरीगिरी
मेला प्रशासन को वीडियो जारी कर करना पड़ा संतों की नाराजगी की खबर का खंडन
हरिद्वार। Haridwar Kumbh 2027 के हरिद्वार अर्धकुंभ मेले को पूर्ण कुंभ के रूप में आयोजित करने के लिए सरकार जोर-शोर से तैयारी में जुटी हुई है।
हालांकि इस बीच साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था अखाड़ा परिषद ने नाराजगी व्यक्त की है।
आप भी सुने संतों की नाराजगी और कुछ देर बाद नाराजगी कैसे हुई शांत
कुंभ मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के द्वारा संतो को तवज्जो ना दिए जाने और कुंभ को लेकर आधिकारिक मीटिंग आयोजित ना कराए जाने पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री ने नाराजगी व्यक्त की है।
गुरुवार को हरिद्वार स्थित जूना अखाड़ा में साधु संतों की एक मीटिंग आयोजित हुई जिसके बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महामंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुंभ मेले की चर्चा करने के लिए कोई अधिकारी उनसे नहीं मिला है।
संतों ने महाराष्ट्र के नासिक में चल रही कुंभ की तैयारी की तुलना करते हुए कहा कि वहां सरकार और प्रशासन लगातार साधु संतों के संपर्क में है,
लेकिन हरिद्वार कुंभ के लिए अभी तक मुख्यमंत्री की ओर से एक भी मीटिंग नहीं की गई है।
अखाड़ा परिषद ने मांग करते हुए कहा कि कुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए सरकार और अधिकारियों को साधु-संतों से मेलजोल रखना चाहिए।
मेला प्रशासन चरणों में
जुना अखाड़े में अखाड़ा परिषद के महामंत्री की नाराजगी वाले बयान के मीडिया में चलते ही मेला प्रशासन संतों के चरणों में दिखाई दिया।
उपमेला अधिकारी दयानंद सरस्वती जुना अखाड़ा पहुंचे और संतों को मनाने का काम किया।
बड़े मान मनोव्वल के बाद श्रीमहंत हरिगिरि का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने अपने दूसरे वीडियो संदेश में दिव्य और भव्य कुंभ का दावा किया।

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