HARIDWAR- गुरुवार को भाई बहन के प्रेम का पर्व भैया दूज की पुरे देश में धूम रही.
बहनो ने अपने भाइयों को तिलक लगा कर उनकी मंगल कामना की.
छोटे बड़े हर आयु वर्ग के लोगों ने बड़े ही उत्साह के साथ त्यौहार मनाया.
हरिद्वार के भभूतवाला बाग की शिवलोक कॉलोनी निवासी ख़ुशी ने भी अपने भाई अंश को तिलक लगा कर भैया दूज का पर्व मनाया.
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माना जाता है कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भाई दूज के दिन अगर भाई यमुना नदी में स्नान करते हैं,
तो उन्हें यमराज के प्रकोप से मुक्ति भी मिलती है। वहीं पौराणिक कथाओं के अनुसार,
इस दिन भाई यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था, जिसके बाद से कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज मनाया जाने लगा
भैया दूज की कहानी
भाई दूज का त्यौहार हर वर्ष दीपावली के दो दिन बाद तीसरे दिन मनाया जाता है।
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को ही यमुना ने यमराज को तिलक भोजन कराया था और वर मांगा था
जिसे यमराज ने स्वीकार कर लिया था इसीलिए भाई दूज का त्यौहार हर वर्ष इसी दिन मनाया जाता है।
इस पर्व को यम द्वितीया भी कहते हैं।


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