Sir B. N. Ray की जयंती पर उन्हें उन्हेंहें याद किया गया उत्तराखंड समता पार्टी द्वारा आयोजित कार्यक्ररम में उनके चित्र पर फूल माला चढ़ा कर उन्हे याद किया गया, संविधान बनाने में उनकी भूमिका की भूरी भूरी प्रशंसा की गई।
संविधान निर्माण में उनकी भूमिका को उन को दी गई उपाधि
*_आर्किटेक्ट ऑफ कांस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया_* से स्वयं समझा जा सकता है।
1887 में मेंगलुरु (मद्रास) में जन्मे बी एन राव ने दसवीं में मद्रास में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए थे। इन्होंने लंदन से कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त की।
ये कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश भी रहे, इनके शानदार कानूनी ज्ञान को देखते हुए, 1946 में संविधान सभा ने इन्हें संवैधानिक सलाहकार बनाया गया।
भारतीय संविधान को तैयार करने के लिए इन्होंने अनेकों देशों की यात्रा कर, वहां के संविधान का अध्ययन किया।
इन्हे हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के पहले भारतीय न्यायाधीश बनने का गौरव भी प्राप्त है।
उनको श्रद्धांजलि देने वालों में इं.वीपी नौटियाल, राष्ट्रीय महासचिव, इं.एलपी रतूड़ी केंद्र सचिव, अखिल भारतीय समानता मंच , प्रदेश महासचिव जेपी कुकरेती, धर नैथानी, प्रदीप कुकरेती
समानता पार्टी की बीएस भंडारी महासचिव चंदन सिंह नेगी त्रिलोक सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।
इसके अलावा उत्तराखंड क्रांति दल की ओर से पार्टी अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी, एडवोकेट डीडी जोशी अध्यक्ष प्रदेश दिल्ली, किशन मेहता कार्यालय प्रभारी, डॉ ओली (आई सर्जन) एवं श्रीमती जोशी आदि उपस्थित रहे।


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