हरिद्वार। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले ज्योतिष पीठ के शंकरचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने तिथि को लेकर बड़ा बयान दे डाला।
हरिद्वार पहुंचे शंकराचार्य ने मीडिया से बात करते हुए राममंदिर सहित दयानिधि मारन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
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शंकराचार्य ने रामजन्म भूमि पर राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के सवाल पर कहा की उनसे तिथि को लेकर पूछा गया था तो उन्होंने कहा की ज्यादा अच्छा होता की अगर राम जन्म दिवस पर ही मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होती।
सुने क्या बोले शंकराचार्य
उन्होंने कहा की कोई विशेष कारण रहा होगा जो राम नवमी पास होते हुए भी 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का निर्णय लिया गया।
उन्होंने विशेष कारण पूछे जाने पर कहा की चुनाव नजदीक है और शायद आचार संहिता से पहले इस तिथि का चुनाव किया गया होगा।
आपको बता दे की शंकराचार्य शीतकालीन यात्रा के लिए उत्तराखंड के प्रवास पर है और बुधवार को गंगा पूजा करने के बाद शंकराचार्य शीतकालीन चारधाम यात्रा पर निकलेंगे।
उत्तर प्रदेश और बिहार के हिंदी भाषियों को लेकर दयानिधि मारन के विवादित बयान के बाद प्रतिक्रिया देते हुए ज्योतिर्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दया निधि को अहंकारी बताते हुए कहा है कि एक तरफ तो देश का प्रधानमंत्री साफ सफाई करने वाले लोगों के पैर धोता है वही अहंकारी दयानिधि मारन ऐसे लोगो के प्रति ऐसे मानसिकता रखता है इससे उसकी मानसिक स्तर का पता चलता है।


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