March 28, 2026

24x7breakingpoint

Just another WordPress site

dehradun-doctor-death-many-questions-raised-after-students-suspected-death

Dehradun doctor death डॉक्टर छात्रा की मौत से सिस्टम पर उठे सवाल!

Dehradun doctor death डॉक्टर छात्रा की मौत से सिस्टम पर उठे सवाल!

देहरादून। देहरादून में एक युवा डॉक्टर छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था और संस्थागत दबावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। (SGRR) के नेत्र रोग विभाग की एमएस छात्रा डॉ. तन्वी (25) का शव उनकी कार में मिलने से सनसनी फैल गई।

कार में मिली मरणासन्न हालत, अस्पताल में घोषित मृत

पुलिस के अनुसार बुधवार तड़के करीब 3 बजे डॉ. तन्वी कारगी रोड पर अपनी कार में अचेत अवस्था में मिलीं। कार का शीशा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला गया। मौके पर कार की सीट पर कई इंजेक्शन भी पड़े मिले।
परिजन उन्हें तुरंत ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का आरोप: एचओडी पर प्रताड़ना और दबाव

मृतका के पिता ललित मोहन ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी 2023 से एमएस (नेत्र रोग) की पढ़ाई कर रही थी और दिसंबर 2025 तक सब कुछ सामान्य था।
लेकिन नई विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता की नियुक्ति के बाद हालात बदल गए।

dehradun-doctor-death-many-questions-raised-after-students-suspected-deathपरिजनों के मुताबिक:

  • छात्रा को लगातार डराया-धमकाया जा रहा था
  • पुरानी एचओडी से बात करने से रोका जाता था
  • थिसिस में शून्य अंक दिए गए
  • पैसों की मांग तक के आरोप लगाए गए

इन आरोपों के चलते छात्रा मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी।

कॉलेज प्रबंधन का पक्ष

कॉलेज प्रबंधन ने इन आरोपों से अलग तस्वीर पेश की है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार:

  • डॉ. तन्वी लंबे समय से मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं
  • दो वर्ष पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थीं
  • 31 दिसंबर 2025 को भी उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की थी
  • उनका उपचार चल रहा था

प्रबंधन ने छात्रा की असमय मृत्यु पर संवेदना व्यक्त की है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी

के अनुसार, कोतवाली पटेलनगर में मृतका के पिता की तहरीर पर आरोपी एचओडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस अब निम्न बिंदुओं पर जांच कर रही है:

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट
  • कॉल डिटेल रिकॉर्ड
  • मेडिकल कॉलेज से जुड़े दस्तावेज
  • प्रताड़ना के आरोपों की सत्यता

सिस्टम पर सवाल

यह घटना एक बार फिर मेडिकल छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव, संस्थागत वातावरण और कार्य संस्कृति को लेकर बहस छेड़ रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मेडिकल संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त समर्थन तंत्र मौजूद है?

About The Author