हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में पांच दिवसीय (कंप्यूटर-एडेड डिजाइन) मॉडलिंग बूटकैंप” का मेकेनिकल विभाग में 12 से 16 अक्टूबर तक आयोजन किया गया।
समविश्वविद्यालय की कुलपति प्रो प्रतिभा मेहता लूथरा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस व्यावहारिक
प्रशिक्षण शिविर में विद्यार्थियों को डिजिटल मॉडलिंग, 2डी ड्राफ्टिंग, 3डी पैरामीट्रिक मॉडलिंग तथा आधुनिक औद्योगिक डिजाइन तकनीकों का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। मैकेनिकल विभाग के सभी शिक्षक व कर्मचारियों को आशीष
दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संयोजन करते हुए मैकेनिकल विभाग के प्रभारी डॉ. संजीव लांबा बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को इंडस्ट्री की व्यावहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना ही इस बूटकैंप का प्रमुख ध्येय था।
बूटकैंप में मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाते हुए हर्ष चौरसियाने प्रतिदिन तकनीकी सत्रों एवं प्रयोगशाला कक्षाओं
का संचालन किया।
उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक सीएडी टूल्स, स्केचिंग, पार्ट मॉडलिंग, असेंबली निर्माण और रेंडरिंग की पेचीदगियों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ चरणबद्ध रूप से समझाया।
विद्यार्थियों ने वर्कशॉप के दौरान वास्तविक इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स पर हैंड्स-ऑन काम करते हुए जटिल 3डी मॉडल
तैयार करने का अभ्यास किया।
बूटकैंप के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के बतौर संकाय अध्यक्ष (डीन) *प्रो. (डॉ.) मयंक अग्रवाल ने सभी प्रतिभागी छात्रों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डीन डॉ. मयंक अग्रवाल ने कहा कि आज का युग केवल सैद्धांतिक ज्ञान का नहीं, बल्कि व्यावहारिक दक्षता का है।
उन्होंने प्रशिक्षक हर्ष चौरसिया के मार्गदर्शन और संयोजक मंडल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे तकनीकी आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उन्हें नवाचार की दिशा में अग्रसर करने के लिए अत्यंत आवश्यक है
डॉ पंकज कौशिक सहायक कुलसचिव ने कहा कि
सत्र में विशेषज्ञों और वक्ताओं ने वर्तमान औद्योगिक परिदृश्य तथा भविष्य के निर्माण क्षेत्र में सीएडी (CAD) की अपरिहार्य भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला:डिजिटल विनिर्माण और प्रोटोटाइपिंग की रीढ़: पारंपरिक पेपर ड्राफ्टिंग के दिन अब लद चुके हैं।
आज ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, आर्किटेक्चर, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में वास्तविक निर्माण शुरू होने से पहले प्रत्येक पुर्जे का सटीक 3डी कंप्यूटर मॉडल तैयार किया जाता है।
सीएडी की मदद से समय और निर्माण लागत में भारी कमी आती है।
समापन सत्र के अंत में. जसबीर सिंह, वं डॉ. विशाल पंवार ने सभी विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के प्रति आभार व्यक्त किया। सभी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किये गए।



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