कफ सिरप मौत: चार माह से कोमा में रहे 4 बच्चे की AIIMS में मौत
डेस्क। कफ सिरप त्रासदी मामले में एक और दर्दनाक घटनाक्रम सामने आया है।
पिछले 4 महीने से कोमा में। चल रहे बच्चे की इलाज के दौरान एम्स में मौत हो गई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Coldrif cough syrup case के सेवन के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी भारत की दवा नियामक प्रणाली को लेकर चिंता जताते हुए चेतावनी जारी कर चुका है, ताकि इस तरह के मिलावटी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक न पहुँचें।
मामला बैतूल जिले के टिकाबरी गांव का बताया जा रहा है जहां चार वर्षीय बालक हर्ष की नागपुर स्थित एम्स (AIIMS) में इलाज के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, हर्ष को छिंदवाड़ा जिले के परासिया कस्बे में चिकित्सक द्वारा कफ सिरप लिखा गया था।
Coldrif cough syrup case सेवन के बाद बच्चे में उल्टी, पेशाब न हो पाना, तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दिए, जो धीरे-धीरे तीव्र किडनी फेल्योर और लंबे कोमा में तब्दील हो गए।
गंभीर हालत में उसे नागपुर एम्स के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां कई महीनों तक चले इलाज के बाद रविवार रात उसकी मौत हो गई।
सोमवार को नागपुर में पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बैतूल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी।
DEG से मिलावटी निकला कफ सिरप
दरअसल यह मामला 2025 में मध्य प्रदेश में सामने आई कफ सिरप त्रासदी से जुड़ा हुआ है।
सरकारी ड्रग टेस्टिंग लैब, चेन्नई की जांच रिपोर्ट (अक्टूबर 2025) में कोल्ड्रिफ कफ सिरप को “मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं” पाया गया था।
जांच में इसमें डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) नामक जहरीले रसायन की मिलावट पाई गई, जिसकी मात्रा कई नमूनों में 48 प्रतिशत तक दर्ज की गई, जबकि इसे केवल 0.1 प्रतिशत तक रखा जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार DEG एक औद्योगिक रसायन है, जो मानव शरीर के लिए बेहद घातक होता है और इससे किडनी फेल्योर व मौत तक हो सकती है।
अब तक 20 से अधिक बच्चों की मौत
इस मिलावट के कारण छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा जिलों में पांच साल से कम उम्र के दर्जनों बच्चे बीमार पड़े, जिनमें से 20 से 24 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई बच्चे आज भी गंभीर हालत में विभिन्न अस्पतालों में इलाजरत हैं, जिनमें नागपुर के अस्पताल भी शामिल हैं।
सरकार की कार्रवाई
मामले के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2025 में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी थी।
ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भी जांच शुरू की।
जांच के दौरान दवा निर्माता कंपनी स्रेसन फार्मास्युटिकल्स (तमिलनाडु) के मालिक, एक केमिकल एनालिस्ट और दवा लिखने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया।

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