July 8, 2026

24x7breakingpoint

Just another WordPress site

Badrinath donation misappropriation case: Demand to expand the scope of the FIR investigation.

AI फीचर इमेज

बद्रीनाथ दान हेराफेरी मामला: FIR की जांच का दायरा बढ़ाने की मांग

बद्रीनाथ दान हेराफेरी मामला: FIR के बाद जांच का दायरा बढ़ाने की मांग, CCTV फॉरेंसिक जांच और हाई लेवल ऑडिट पर उठे सवाल

दान और भेंट राशि में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच को कर्मचारी तक सीमित न रखने की मांग, पूरी प्रक्रिया की जवाबदेही तय करने पर जोर।

बद्रीनाथ। बद्रीनाथ धाम में दान और भेंट राशि से जुड़ी कथित हेराफेरी का मामला अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।

8 जुलाई 2026 को कोतवाली श्री बद्रीनाथ में FIR संख्या

Badrinath donation misappropriation case: Demand to expand the scope of the FIR investigation.
AI फीचर इमेज

0006 दर्ज होने के बाद मामले की जांच तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है।

हालांकि, अब यह मांग उठ रही है कि जांच केवल एक कर्मचारी या प्रारंभिक स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि दान संग्रह से लेकर गिनती,

रिकॉर्ड संधारण, CCTV निगरानी, जमा प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका सहित पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच की जाए।

मामले में CCTV फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराने की भी मांग की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि फुटेज से किसी प्रकार की छेड़छाड़, डिलीशन या अन्य अनियमितता तो नहीं हुई।

साथ ही यह भी सवाल उठ रहे हैं कि यदि निगरानी व्यवस्था मौजूद थी, तो कथित गड़बड़ी समय रहते सामने क्यों नहीं आई।

इसके अलावा, बद्रीनाथ धाम में प्राप्त दान और भेंट सामग्री का स्वतंत्र और उच्चस्तरीय ऑडिट कराने की मांग भी की जा रही है।

इसमें प्राप्त धनराशि, भेंट सामग्री, अभिलेखों में दर्ज विवरण और वास्तविक जमा राशि का मिलान कर पूरी स्थिति सार्वजनिक करने की आवश्यकता बताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक संस्थानों में दान व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है, तो जांच में यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कहीं लापरवाही, निगरानी में कमी या मिलीभगत की भूमिका तो नहीं रही।

श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में दिया गया दान आस्था का प्रतीक होता है। इसलिए इस मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।

About The Author