देहरादून में फर्जी आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री पर छापा, 1 करोड़ से अधिक कैश ने उठाए होश, केंद्रीय एजेंसियों ने संभाला मोर्चा
देहरादून। देहरादून में फर्जी आयुर्वेदिक दवा फैक्ट्री का खुलासा करते हुए बड़ा मामला सामने आया है।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय और राज्य अधिकारियों की संयुक्त टीम ने देहरादून में बिना लाइसेंस संचालित आयुर्वेदिक दवा निर्माण इकाई पर छापा मारा।
फैक्ट्री से जहां नकली दवाओं का जखीरा मिला तो वहीं एक करोड़ कैश ने सबके होश उड़ा दिए। जिसके बाद अब केंद्रीय एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया है।
छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में भ्रामक लेबल लगी दवाएं, काउंटरफिट होम्योपैथिक उत्पाद, उत्पादन मशीनें, बिल रजिस्टर और नोट गिनने की मशीन भी जब्त की गई।
सहस्रधारा रोड स्थित “त्रिफला हर्बल सेंटर” नाम से संचालित इस केंद्र से भारी मात्रा में नकली आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं, मशीनरी, दस्तावेज और 1 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है।
जांच में सामने आया कि संचालक के पास आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी की कोई मान्यता प्राप्त डिग्री या लाइसेंस नहीं था,
इसके बावजूद वह क्लिनिक की आड़ में मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज करने का दावा कर रहा था।
आरोप है कि पिछले पांच वर्षों से यह नेटवर्क देशभर में नकली और मिलावटी दवाओं की सप्लाई कर रहा था।
इस कार्रवाई की अगुवाई राज्य आयुर्वेद विभाग के ड्रग कंट्रोलर केएस नपलच्याल ने की।
टीम में सीडीएससीओ की आयुष शाखा और आयुर्वेद-यूनानी सेवा विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।
नकदी बरामदगी के बाद आयकर विभाग को भी समानांतर जांच के लिए सूचित किया गया है।
फिलहाल छापे के दौरान कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। राज्य औषधि लाइसेंसिंग प्राधिकरण को कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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