नूरपुर पंजनहेड़ी भूमि पैमाइश विवाद में गोलीकांड, दोनों पक्ष आमने-सामने
एक ओर अतुल चौहान के परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग की, दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई
हरिद्वार। नूरपुर पंजनहेड़ी में भूमि पैमाइश के दौरान हुए गोलीकांड ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है।
भाजपा से जुड़े नेताओं के दो गुटों के बीच हुए इस विवाद में एक ओर जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पार्टी से अतुल चौहान को बाहर किए जाने की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर अतुल चौहान की पत्नी दीपशिखा चौहान ने पूरे मामले को सरकारी भूमि बचाने की लड़ाई से जोड़ते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया और पुलिस के नाबालिक बच्चे को जबरन घर से उठाने पर सवाल खड़ा करते हुए पुलिस की कार्यवाही पर सवाल खड़े किए।
अमित चौहान का पहली बार बयान आया सामने
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि भूमि पैमाइश के दौरान हुए गोलीकांड में उनके भाई सचिन चौहान गंभीर रूप से घायल हुए हैं और एम्स ऋषिकेश में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने इस मामले में राजनीतिक साजिश किए जाने का आरोप लगाते हुए शहर विधायक और मातृ सदन पर भी सवाल खड़े किए है। उन्होंने जारी अपने बयान में कहा कि शहर विधायक गोली चलाने वालों के घर जाते है जबकि पीड़ित से दूरी बनाते है। भी उन्होंने मातृ सदन पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। अमित चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से आरोपियों को पार्टी से पदमुक्त और निष्कासित करने का आग्रह किया है।
वहीं गोलीकांड में जेल में बंद अतुल चौहान की पत्नी दीपशिखा चौहान ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि यह मामला केवल गोलीकांड नहीं बल्कि सैकड़ों करोड़ रुपये की सरकारी भूमि को खुर्दबुर्द होने से बचाने से जुड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति अतुल चौहान लंबे समय से बाग-कृषि भूमि और सरकारी जमीन पर हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
जिसकी शिकायत प्रशासन, एचआरडीए और उच्च न्यायालय तक की गई थी।
इसी के चलते उनसे रंजिश रखी जाने लगी और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं।
दीपशिखा चौहान ने बताया कि प्रशासनिक आदेश पर जब भूमि पैमाइश होनी थी, तब तहसीलदार व लेखपाल के निर्देश पर उनके पति मौके पर पहुंचे थे, जहां पहले से मौजूद लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला किया और फायरिंग की।
उन्होंने दावा किया कि उनके पति ने आत्मरक्षा में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से केवल जमीन की ओर फायर किए और किसी को गोली नहीं मारी।
दीपशिखा का पुलिस कार्रवाई पर सवाल
दीपशिखा चौहान ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने उनके नाबालिग बेटे को जबरन उठाकर पीटा, जिसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में हुई है।
उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी शिकायत पर विपक्षी पक्ष के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और आरोपी गांव में दहशत फैला रहे हैं।



More Stories
कोडीन कफ सिरप की अवैध बिक्री पर Drugs Department सख्त
उत्तराखंड में बन गया राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण, जानिए इसके फायदे
Rail Budget 2026 उत्तराखंड को इस बार मिला 4 हजार करोड़ 769 का रेल बजट