देहरादून(अरुण शर्मा)। SDRF का जवान राजेन्द्र नाथ को अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट क्लीमेंजारो को फतह करने हुए रवाना।
शुक्रवार को SDRF के सेनानायक मणिकांत मिश्रा ने उन्हें प्रतीक चिह्न देकर रवाना किया।
राजेन्द्र नाथ इससे पहले कई बड़े बड़े कीर्तिमान स्थापित कर चुके है।
इनके द्वारा विगत वर्षों में डीकेडी-2 (5670 मीटर), चंद्रभागा-13 (6264 मीटर), सतोपंथ(7075), माउंट त्रिशूल (7120 मीटर), यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुश(5642 मीटर) व माउंट गंगोत्री प्रथम (6675 मीटर) का सफलतापूर्वक आरोहण किया गया है।
360 माउंट एक्सप्लोरर मुम्बई द्वारा दिनाँक 18 फरवरी से 28 फरवरी , 2022 तक अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट क्लीमेंजारो (5895 मीटर) पर एक्सपीडिशन का आयोजन किया गया है।
आरक्षी राजेन्द्र नाथ द्वारा इसी एक्सपीडिशन के माध्यम से माउंट किलमन्जारो को फतह करने का प्रयास किया जाएगा।
सेनानायक SDRF मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पर्वतारोहण असीमित रोमांच, जोश, मनोरंजन तथा जोखिम से भरा साहसिक खेल है।
राज्य आपदा प्रतिवादन बल के प्रत्येक सदस्य के लिए ऐसे साहसिक खेलों का विशेष महत्व है।
इसलिए समय समय पर ऐसे साहसिक खेलों में प्रतिभाग करने हेतु कर्मियों को प्रोत्साहित किया जाता है।
SDRF के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा क्याकिंग, राफ्टिंग, ट्रैकिंग, पर्वतारोहण इत्यादि साहसिक खेलों में प्रतिभाग कर अपनी व्यवसायिक दक्षता बढ़ाने का निरन्तर प्रयास किया जाता है।
आरक्षी राजेन्द्र नाथ के इस पर्वतारोहण अभियान के माध्यम से SDRF में एक साहसिक वातावरण का निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिससे अन्य जवान भी अभिप्रेरित होंगे व उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जो निश्चय ही भविष्य में उच्च तुंगता रेस्क्यू के दौरान विषम परिस्थितियों में भय व अवरोधों का डटकर सामना करने का साहस प्रदान करेगा ।


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