उत्तराखंड में अप्रैल से शुरू होगा एसआईआर, सभी मतदाताओं को भरना होगा फॉर्म
देहरादून। उत्तराखंड में SIR यानि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अप्रैल माह से शुरू होने जा रही है। प्री-एसआईआर का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और करीब 82 प्रतिशत काम संपन्न कर लिया गया है। मुख्य एसआईआर की तिथि अभी अंतिम रूप से तय नहीं की गई है, लेकिन अप्रैल से अभियान औपचारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा।
राज्य के सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रक्रिया के तहत सभी मतदाताओं को अनिवार्य रूप से निर्धारित फॉर्म भरकर एक महीने के भीतर जमा करना होगा। यह पूरी प्रक्रिया के दिशा-निर्देशों के तहत संचालित की जा रही है।
फॉर्म में मांगी जाएगी यह जानकारी
मतदाताओं को फॉर्म में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम, पिता/पति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर जैसी जानकारियां देनी होंगी। हालांकि आधार नंबर देना अनिवार्य नहीं है। निर्वाचन आयोग की ओर से फॉर्म ऑनलाइन भी अपलोड किए जाएंगे, ताकि लोग डिजिटल माध्यम से भी प्रक्रिया पूरी कर सकें।
2003 की सूची में नाम नहीं होने पर क्या होगा?
जिन व्यक्तियों का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं था, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे लोगों को 12-13 निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद जिनका जवाब संतोषजनक पाया जाएगा, उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
फॉर्म जमा न करने पर नाम हटेगा
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जो मतदाता निर्धारित समय सीमा में फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा। इसलिए सभी पात्र मतदाताओं से समय पर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।
मतदाता सूची का शुद्धिकरण
यह संपूर्ण प्रक्रिया मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार करना है।

More Stories
Uttrakhand में विकास योजनाओं के साथ हरिद्वार गंगा कॉरिडोर को मिली गति
Kumbh Mela 2027 का लोगो डिज़ाइन करो इनाम पाओ
Uttrakhand Commercial LPG के लिए तैयार हो गई SOP, कोटा हुआ तय