Haridwar Nagar Nigam took action against an advertisers company
पोल के झोल पर निगम कर रहा है वसूली की तैयारी, करेगी आर सी
निगम ने विज्ञापन पोल का एक कंपनी को दिया था टेंडर, कंपनी ने लगा डाली वाट
न हुई रेड लाइट की मरमत और न ही एंट्री गेट को लेकर फॉलो किए नियम
मामले के तूल पकड़ने के बाद निगम ने किए टेंडर निरस्त, अब वसूली की हो रही तैयारी।
हरिद्वार। Haridwar Nagar Nigam में विज्ञापन के पोल के झोल पर अब निगम लीपापोती में जुट गया है।
प्रकरण में जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने के बाद नगर निगम ने संबंधित कंपनी का टेंडर निरस्त करने के बाद कंपनी को बोर्ड हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
नगर आयुक्त नंदन सिंह ने बताया कि शहर में लगाए गए सभी विज्ञापन पोल, जो अनुबंध की शर्तों के विरुद्ध लगाए गए थे, उन्हें 15 दिनों के भीतर हटाना अनिवार्य है।
आप भी सुने क्या और किस तरह से वसूली करने की हो रही तैयारी
यदि कंपनी समयसीमा के भीतर पोल नहीं हटाती है, तो नगर निगम स्वयं कार्रवाई कर सभी पोल हटाएगा।
नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में निगम को हुई राजस्व हानि की भरपाई कंपनी को ही करनी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि कंपनी जल्द ही राजस्व क्षति की राशि जमा नहीं करती है, तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस के बाद भी भुगतान न होने पर कंपनी के खिलाफ आरसी जारी की जाएगी और राजस्व वसूली की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बता दे कि आयुषी टंडन ने वर्ष 2022 में शुरू हुए ट्रैफिक लाइट सुधार प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। उनके अनुसार, शहर की खराब पड़ी ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त करने का जिम्मा एन टॉप (मिडास) कंपनी को सौंपा गया था।
योजना के तहत कंपनी को विज्ञापन पोल लगाने की अनुमति भी दी गई थी, ताकि विज्ञापनों से होने वाली आय से परियोजना लागत की भरपाई हो सके।
फिलहाल मामले में Haridwar Nagar Nigam वसूली कर पाएगा या नहीं यह बड़ा सवाल है।


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