देहरादून- उत्तराखंड विधानसभा सत्र का पहला दिन लेखा अनुदान पेश होने के साथ साथ विपक्ष के हमलावर तेवरों के नाम रहा।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करने को लेकर विपक्ष ने पीठ से मांग की लेकिन उससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सदन के पटल पर चार महीने के लिए 21 हजार एक सौ 16 करोड़ का लेखानुदान पेश किया।
नाराज विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए इस नियमो के विरुद्ध बताया।
कांग्रेसी विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि नियमो के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण पर पहले चर्चा की जाती है उसके बाद लेखा अनुदान पेश किया जाता है।
विपक्ष ने संसदीय परंपराओं की अवहेलना का आरोप लगाया। विपक्ष के आरोपो से अलग बीजेपी विधायक ने इसे कार्य मंत्रणा की बैठक में तय हुए कार्यक्रम के अनुसार ही सदन की कार्यवाही हुई है।
प्रभारी संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में आज लेखानुदान पेश करने पर सहमति बनी थी।
फिलहाल विपक्ष की मांग और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कल सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित हो गया है।


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