May 17, 2024

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शंकराचार्य और विवेकानंद के बाद मोदी सनातन के बड़े रक्षक – रविन्द्रपुरी

Ravindrpuri campair pm Modi as Shankrachary and Swami Vivekananda

हरिद्वार: शंकराचार्य और विवेकानंद के बाद पीएम मोदी सनातन के बड़े रक्षक है। यह कहना है अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज का।

मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रही प्राण प्रतिष्ठा को लेकर हरिद्वार से रवाना हुई।

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मीडिया से बात करते हुए रविन्द्र पुरी ने बताया कि अखाड़ा परिषद पीएम मोदी को सनातन शिरोमणि की पदवी से अलंकृत करने जा रही है।

Ravindrpuri campair pm Modi as Shankrachary and Swami Vivekanandaउन्होंने कहा की सभी संतों को साथ लेकर बहुत ही जल्द दिल्ली में उन्हे इस सम्मान से नवाजा जाएगा।

रविंद्र पुरी ने कहा की पीएम मोदी को सनातन के इतिहास में हमेशा याद रखा जायेगा।

उन्होंने मोदी की तुलना आदिगुरु शंकराचार्य से करते हुए कहा की सनातन में तीन महापुरुषों का रोल है जिसमे पहले आदिगुरु शंकराचार्य दूसरे स्वामी विवेकानंद और वर्तमान में नरेंद्र मोदी ने सनातन को बचाया।

उन्होंने कहा की इससे पहले वाली सरकार होती तो हमारा सनातन खत्म हो गया होता।

सोमवार को रवाना हुई कलश यात्रा पहला पड़ाव पूरा करने के बाद मंगलवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी स्थित चरण पादुका मंदिर से अयोध्या के लिए रवाना हुई।

Ravindrpuri campair pm Modi as Shankrachary and Swami Vivekanandaइससे पहले स्वरांजलि कार्यक्रम में भगवान राम के भजन प्रस्तुत किए गए। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के नेतृत्व में कलश यात्रा 19 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी।

यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भव्य रूप से स्वागत किया गया।

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मंगलवार की सुबह विधि विधान के साथ चरण पादुका मंदिर से कलश यात्रा रवाना हुई। तुलसी चौक से शिवमूर्ति चौक होते हुए वाल्मीकि चौक, यहां से चंडी चौक होते हुए मुरादाबाद के लिए रवाना हुई। यहां यात्रा बरेली पहुंचेगी और फिर 19 जनवरी को अयोध्या में पहुंचेगी।

महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि महाराज ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम के दिव्य और भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए संत समाज ने बड़ा आंदोलन चलाया।

समय-समय पर पुरजोर तरीके से इसकी मांग उठाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहनत के चलते ही आज भगवान श्रीराम के मंदिर का निर्माण हो पाया है।

महंत दर्शन भारती महाराज ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है। प्रभु श्रीराम के मंदिर के लिए संत समाज और कार सेवकों ने बलिदान दिया, तब जाकर आज 500 वर्षों बाद मंदिर का निर्माण संभव हो सका और प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। इस दौरान स्वामी नागेंद्र महाराज, अमेरिका से आए स्वामी विपनानंद महाराज, महंत दर्शन भारती, भारत माता मंदिर के महंत महामंडलेश्वर ललितानंद गिरि, महंत रवि पुरी, दिगंबर राजगिरी, दिगंबर रघुवन, एसडीएम अजय वीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रविंद्र जुवांठा, शहर कोतवाल भावना केंथोला, एसएमजेएन पीजी कॉलेज के प्रबंध समिति सदस्य आरके शर्मा, प्राचार्य डॉ सुनील कुमार बत्रा, भोला शर्मा, मनोज मंत्री, प्रतीक सूरी, सुंदर राठौर, टीना टुटेजा आदि मौजूद रहे। शिवमूर्ति चौक पर गरीबदासीय आश्रम के महंत रवि देव शास्त्री और पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के कोठारी महंत राघवेंद्र दास के नेतृत्व में साधु संतों ने कलश यात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।

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