Haridwar Kumbh 2027 अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की नसीहत के बाद महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश का पलटवार
बोले कोई हिटलरशाही नहीं चल रही है यहां, उन्होंने जो कहा पद की गरिमा के अनुरूप ही कहा
हरिद्वार कुंभ को लेकर महामंडलेश्वर के मीडिया में आए बयान के बाद मचा था घमासान
अखाड़ा परिषद का गठन होता है कुंभ के लिए, जिसमें 13 अखाड़ों का होता है प्रतिनिधित्व – रूपेंद्र प्रकाश
यह भी पढ़ें – हरिद्वार के पूर्व भाजपा विधायक के तमाशे के पीछे बीजेपी के बड़े नेता डाल रहे आग में घी
हरिद्वार। अखाड़ा परिषद को लेकर दिए अपने बयान पर जब अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने उन्हें नसीहत दी तो स्वामी रूपेंद्र प्रकाश आग बबूला हो गए।
उन्होंने अध्यक्ष की नसीहत वाले बयान का पलटवार करते हुए कोई हितलशाही न होने की बात करते हुए हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार होने की बात कही।
उन्होंने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष पर हमला करते हुए कहा कि परिषद का गठन केवल कुंभ के लिए होता है।
सुनिए क्या बोले महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश
विवादों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि वह अपने पद की गरिमा के अनुरूप ही अपनी बात रख रहे हैं और एक जिम्मेदार संत होने के नाते अपने वक्तव्य पर पूरी तरह कायम हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि अखाड़ा परिषद पर किसी एक व्यक्ति का स्थायी अधिकार नहीं, यह एक टेंपररी बॉडी होती है, जिसका गठन विशेष रूप से कुंभ के आयोजन के लिए किया जाता है।
स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि अखाड़ा परिषद का गठन सन्यासी अखाड़ों सहित बैरागी, उदासी और निर्मल परंपराओं के प्रतिनिधित्व के साथ होता है।
उन्होंने बताया कि परिषद के पदाधिकारियों का चयन क्रमबद्ध रूप से होता है और अध्यक्ष पद स्थायी नहीं है।
समय-समय पर विभिन्न अखाड़ों के प्रमुख इस पद पर निविष्ट होते रहे हैं, इसलिए इसे किसी व्यक्तिगत अधिकार या स्थायी सत्ता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

More Stories
Ajit Pawar विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की मौत
भगत दा को पद्म भूषण, पदम विभूषण, पद्म श्री पाने वालों की सूची जारी
Ankita Bhandari Case – कांग्रेस ने सीबीआई जांच पत्र सार्वजनिक करने की मांग