June 19, 2024

24x7breakingpoint

Just another WordPress site

Dispute between ashram and bank in the satge of confiscation

गजब- हरिद्वार में इस बैंक की कुड़की टली, मंगलवार तक राहत

 

हरिद्वार। किराए की रकम अदा करने में आनाकानी करना बैंक को भारी पड़ गया है। शिकायतकर्ता की अपील पर कोर्ट ने बैंक के कुर्की वारंट जारी कर दिए।

जिसमें कुर्सियां मेज स्टील अलमारियां कंप्यूटर एवं प्रिंटर आदि सभी जप्त करने के आदेश शामिल है।

बताते चलें कि किराए की रकम को लेकर श्री प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम के पीठाधीश्वर महंत महामंडलेश्वर स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश शिष्य स्वामी हंसप्रकाश महाराज और सिंडिकेट बैंक, वर्तमान कैनरा बैंक के बीच कोर्ट में विवाद चल‌ रहा था।

यह भी पढ़ें – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए कहीं बड़ी बात

कोर्ट के आदेश के बावजूद बैंक की ओर से किराए की रकम अदा करने में ढ़ील बरती गई। इसके बाद कोर्ट की ओर से केनरा बैंक , ज्वालापुर की शाखा के खिलाफ कुर्की का आदेश जारी कर दिया। अपर जिला जज के आदेश पर शुक्रवार को अमीन सुमंत कुमार शाखा पहुंचे।

Dispute between ashram and bank in the satge of confiscation मामले में अनभिज्ञता जाहिर करते हुए शाखा प्रबंधक ने मोहलत मांगी और उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसी दौरान स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज भी बैंक पहुंच गये।

काफी विचार विमर्श के बाद बैंक अधिकारियों के निवेदन फिलहाल सोमवार तक कुर्की की कार्रवाई को टाल दिया गया है। बैंक के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।

कार्रवाई के दौरान आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि सिंडिकेट बैंक वर्तमान में कैनरा बैंक की शाखा के संचालन लिए श्री प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम, ज्वालापुर हरिद्वार की बिल्डिंग किराये पर ली थी।

किराए की रकम नहीं चुकाने पर मामला कोर्ट में चला और कोर्ट के आदेश पर ही बिल्डिंग को खाली कराया गया था। लेकिन किराए की रकम नहीं दी।

मामले को लेकर उन्होंने वादा दायर किया और बैंक को दोषी मानते हुए कुर्की का आदेश जारी कर दिया। स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि बैंक अधिकारियों के अनुरोध पर सोमवार तक का समय दिया है।

मंगलवार को बकाया राशि नहीं चुकाने पर कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

About The Author