April 16, 2024

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Boy child will be get "Mahalakshami Kit" after birth in Uttrakhand

बेटियों की तरह अब बेटो के जन्म पर भी मिलेगी “महालक्ष्मी किट”

Boy child will be get “Mahalakshami Kit” after birth in Uttrakhand

 

महिला बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने पोषण माह के तहत वितरित कीं महालक्ष्मी किट,गर्भवती महिलाओं की कराई गोद भराई

 

देहरादून: उत्तराखंड में अब बेटियों के जन्म के साथ-साथ बेटों के जन्म पर भी महालक्ष्मी किट मिलेगी

महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इसका प्रस्ताव बहुत जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा

उन्होंने कहा कि कहा कि मुझे यह बताते हुए भी बेहद खुशी है कि आने वाले समय मे हम महालक्ष्मी किट जो कि बेटी होने पर दी जाती है इसे बेटा होने पर भी महिला को दिया जाएगा जो कि जल्द शुरू की जाएगी।

मंगलवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई और कुपोषित महिलाओं को पोषण किट का वितरण किया।

साथ ही लाभान्वित महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट भी वितरित किए।

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विभागीय मंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को सहयोग देने व बेटी के जन्म को सकारात्मक बनाने के लिए महालक्ष्मी किट शुरू की गई है।

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के समान महालक्ष्मी किट व नंदा गौरा योजना लिंग अनुपात बेटियों/ महिलाओं के हित में करने का प्रयास है।

साथ ही कहा कि इस वर्ष का राष्ट्रीय पोषण माह का विषय ‘सुपोषित भारत, साक्षर भारत, सशक्त भारत’ है।

उन्होंने कहा कि पोषण माह के तहत स्तनपान, पूरक आहार, स्वस्थ बालक स्पर्धा, पोषण भी पढ़ाई भी, मेरा माटी मेरा देश, मिशन लाइफ माध्यम से पोषण में सुधार, आयुर्वेद के माध्यम से स्वस्थ जीवन इत्यादि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।उन्होंने कहा कि प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में भी सामुदायिक आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।इन गतिविधियों में गोद भराई तथा अन्न्प्राशन इत्यादि आयोजित की जा रही है जिसके तहत राष्ट्रीय पोषण माह में आगंनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण अभियान भी चलाया जाएगा।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कुपोषित बच्चों की पहचान करना है और अगर कोई कुपोषण के दायरे में है तो उनके अभिभावकों को उचित आहार के बारे में जागरूक किया जाना है, ताकि सभी बच्चे कुपोषण के दायरे से बाहर आ सके। इसके साथ-साथ आंगनबाड़ी बहने घर घर जाकर भी सभी लोगों को कुपोषण से बचने के उपाय के बारे में जागरूक कर रही है। बताया कि यह पोषण माह एक अक्तूबर तक जारी रहेगा, जिसके तहत विभिन्न क्रिया कलाप चलाए जाएंगे।

 

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