हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय (FET) में मंगलवार को विशेष पुरातन छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्युत अभियांत्रिकी शाखा के वर्ष 2010 बैच के पूर्व छात्र मयंक शर्मा ने विद्यार्थियों के साथ अपने व्यावसायिक अनुभव साझा किए।
वर्तमान में मयंक शर्मा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में कार्यरत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में उभरते अवसरों और उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं से परिचित कराया।
संवाद कार्यक्रम के दौरान मयंक शर्मा ने क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन तकनीक और सॉफ्ट स्किल्स जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को प्रभावी संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास, टीमवर्क और व्यावहारिक दक्षताओं पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
तकनीकी ज्ञान के साथ इन कौशलों का विकास विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक होता है।
कार्यक्रम में द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने उद्योग जगत की बदलती आवश्यकताओं, रोजगार के अवसरों और करियर निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
संकायाध्यक्ष ने कहा कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग जगत के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूर्व छात्रों की सहभागिता से विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यक्षेत्र के अनुभवों को समझने तथा भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर मिलता है। यह पहल विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के गजेंद्र रावत ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों में कौशल विकास को प्रोत्साहित करते हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों और आवश्यक दक्षताओं की जानकारी मिलने से विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने के नए मार्ग तलाशने में सहायता मिलती है।
संकायाध्यक्ष के सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक ने विद्यार्थियों को अध्ययन, स्वाध्याय और जीवन मूल्यों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए नियमित स्वाध्याय की आदत विकसित करनी चाहिए। स्वाध्याय न केवल ज्ञान में वृद्धि करता है, बल्कि चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
समाजसेवी डॉ. अमन गुप्ता ने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ समाजसेवा में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी समाज का दर्पण होते हैं और उनके आचरण, विचारों तथा कार्यों से समाज को दिशा मिलती है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी निर्वहन करना चाहिए।
इस अवसर पर प्रो. विपुल शर्मा, डॉ. मुरली मनोहर तिवारी, अभिशान्त शर्मा, अश्विनी कुमार ,डॉ. देवेश जोशी, डॉ. धर्मेंद्र बालियान, दीपक वर्मा सहित संकाय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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