October 13, 2026

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Swami Yatishwranand and local citizens efforts got success in Haridwar Grameen

Swami Yatishwranand के साथ क्षेत्रीय जनता का प्रयास सफल,पैदल पुल को मिली वित्तीय स्वीकृति

Swami Yatishwranand के साथ क्षेत्रीय जनता का प्रयास हुआ सफल, रवासन नदी पर बनेगा 250 मीटर लंबा पैदल स्टील ट्रस पुल

रसूलपुर, मंगोलपुरा, आर्यनगर और लालढांग क्षेत्र के लोगों को मिलेगी बड़ी राहत, ₹9.12 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति

हरिद्वार। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के प्रयास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा पर रवासन नदी पर 250 मीटर लंबे पैदल स्टील ट्रस पुल के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

लोक निर्माण विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार रसूलपुर मंगोलपूरा, आर्यनगर और लालढांग के बीच प्रस्तावित इस पुल के निर्माण के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह परियोजना मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 1038/2021 के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।

Swami Yatishwranand and local citizens efforts got success in Haridwar Grameen शासन से 12 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में बताया गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार ने शासनादेश पढकर सभी को सुनाते हुए निर्माण की पूरी प्रक्रिया बतायी।

सभी क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वामी यतीश्वरानंद का धन्यवाद करते हुए आभार जताया।

तत्कालीन कैबिनेट मंत्री रहते हुए स्वामी यतीश्वरानंद ने Swami Yatishwranand and local citizens efforts got success in Haridwar Grameen रसूलपुर में रवसान नदी पर पुल का प्रस्ताव दिया था जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी। अब शासन ने उसकी स्वीकृति जारी कर दी है। स्वीकृति और शासनादेश जारी होने पर सोमवार को स्वामी यतीश्वरानंद रसूलपुर में चल रहे धरने प्रदर्शन पर पहुंचे।

जहां शासनादेश को पीडब्ल्यूडी के एक्शन ने सभी को सुनाया।आधार पर 250 मीटर लंबाई के पैदल स्टील ट्रस सेतु की अनुमानित लागत 934.07 लाख रूपये है। वहीं शासन स्तर पर परीक्षणोपरांत ₹912.40 लाख (नौ करोड़ बारह लाख चालीस हजार रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है।
क्षेत्रवासियों को मिलेगी बड़ी सुविधा
स्वामी यतीश्वरानंद ने बताया कि रवासन नदी पर पुल बनने से नदी के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में Swami Yatishwranand and local citizens efforts got success in Haridwar Grameen बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

खासकर पैदल आवाजाही करने वाले ग्रामीणों के लिए यह पुल महत्वपूर्ण साबित होगा।

पुल के निर्माण से विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी सुगम होगी।

जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल ने बताया कि करीब 50 सालों से क्षेत्र में प्रवासन नदी पर पुल की मांग पूरी हो गई है, इस पुल के निर्माण होने से क्षेत्र वासियों को आवागमन में बहुत आसानी होगी।

डिजाइन और निर्माण से पहले कई शर्तें तय
शासन की ओर से स्वीकृति देते हुए स्पष्ट किया गया है कि पुल का कार्य प्रारंभ करने से पहले उसके डिजाइन एवं ड्राइंग का अनुमोदन अधीक्षण अभियंता से कराया जाएगा।

एप्रोच मार्ग पर रिटेनिंग वॉल का कार्य शुरू करने से पहले उसका Detailed Design एवं Drawing भी अधीक्षण अभियंता से अनुमोदित कराना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा पुल के Superstructure के Weight की समानता सुनिश्चित करने के लिए पुल के डिजाइन का प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा जारी अन्य सेतुओं के डिजाइन से परीक्षण भी कराया जाएगा।
बजट की उपलब्धता के बाद ही होगा व्यय
पत्र में यह भी कहा गया है कि कार्य प्रारंभ करने से पहले वित्त विभाग के शासनादेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित बजट सीमा के भीतर ही किया जाएगा तथा बजट उपलब्धता से अधिक व्यय नहीं किया जाएगा।
इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य बृजमोहन पोखरियाल, मंडल अध्यक्ष विक्रम चौहान, आलोक द्विवेदी, सुरेंद्र, दीपक जखमोला, ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी, शिव सिंह राव, लक्ष्मी प्रसाद ममगाई, मोहमद एहसान, प्रेम सिंह, तारा सिंह, दरबान सिंह राणा, जगदीश रयाल, गोपी जायसवाल, विनोद सैनी, महानन्द सैनी, विनय सैनी, श्याम प्रसाद,
कल्पना, पूनम, मुन्नी देवी, सलोचना देवी, कमला, उर्मिला, मंगली, उषा, रेखा, सुशीला देवी, सुमित्रा, जगमा, मानसी, अनीता, रेनू, सुमन, सुमति, दुर्गा, किर्तो देवी आदि ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वामी यतीश्वरानंद का धन्यवाद करते हुए आभार जताया।

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