NDCT नियम 2019 में हुआ अहम संशोधन, ड्रग्स और क्लिनिकल रिसर्च में होगा बड़ा लाभ
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने औषधि एवं क्लिनिकल रिसर्च क्षेत्र में नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने New Drugs clinical Trials (NDCT) नियम, 2019 में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी मिल गई है।
इनका उद्देश्य नियामकीय बोझ कम करना, स्वीकृति की समय-सीमा घटाना और देश में क्लिनिकल रिसर्च व फार्मास्यूटिकल विकास को गति देना है।
टेस्ट लाइसेंस की बाध्यता खत्म
मौजूदा व्यवस्था में शोध, परीक्षण या विश्लेषण के लिए कम मात्रा में दवाओं के निर्माण के लिए कंपनियों को CDSCO से टेस्ट लाइसेंस लेना पड़ता था।
संशोधन के बाद गैर-व्यावसायिक निर्माण के लिए टेस्ट लाइसेंस की जगह पूर्व सूचना (Prior Intimation) की व्यवस्था लागू कर दी गई है।
अब कंपनियां CDSCO को ऑनलाइन सूचना देकर दवा विकास की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगी।
हालांकि, उच्च जोखिम वाली श्रेणियों—जैसे साइटोटॉक्सिक, नारकोटिक और साइकोट्रोपिक दवाओं—पर यह छूट लागू नहीं होगी।
कम से कम 90 दिनों की बचत
इन सुधारों से दवा विकास चक्र में न्यूनतम 90 दिनों की समय बचत होने की उम्मीद है, जिससे नवाचार और शोध को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
जहां टेस्ट लाइसेंस आवश्यक रहेगा, वहां प्रसंस्करण समय 90 दिनों से घटाकर 45 दिन कर दिया गया है।
बता दे कि CDSCO हर साल लगभग 30,000 से 35,000 टेस्ट लाइसेंस आवेदनों का निपटारा करता है—ऐसे में यह कदम बोझ को काफी कम करेगा।
BA/BE स्टडीज़ के लिए भी राहत
क्लिनिकल रिसर्च को तेज करने के लिए कम जोखिम वाली बायोएवेलिबिलिटी/बायोइक्विवेलेंस (BA/BE) स्टडीज़ के कुछ वर्गों में पूर्व अनुमति की शर्त समाप्त कर दी गई है।
अब ऐसी स्टडीज़ CDSCO को साधारण ऑनलाइन सूचना के आधार पर शुरू की जा सकेंगी।
इससे खासतौर पर जेनेरिक फार्मा उद्योग को लाभ मिलेगा। CDSCO हर वर्ष 4,000–4,500 BA/BE आवेदनों का निपटारा करता है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता
संशोधनों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) और सुगम (SUGAM) पोर्टल पर विशेष ऑनलाइन मॉड्यूल उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उद्योग को पारदर्शी और परेशानी-मुक्त प्रक्रिया मिलेगी।
वैश्विक मानकों से तालमेल
ये सुधार सार्वजनिक स्वास्थ्य व सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए हितधारकों को ठोस लाभ देने की दिशा में हैं। समय-सीमाओं में कटौती से BA/BE स्टडीज़, परीक्षण और शोध कार्य तेजी से शुरू हो सकेंगे। साथ ही CDSCO अपने मानव संसाधनों का बेहतर उपयोग कर नियामकीय निगरानी की दक्षता बढ़ा सकेगा।

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