हरिद्वार। पायलट बाबा के उत्तराधिकारी को लेकर जूना अखाड़े ने भले ही बीच का रास्ता निकाल कर विवाद का हल कर दिया हो।
लेकिन अपने आप को पायलट बाबा का दत्तक पुत्र कहने वाले महामण्डलेश्वर के नए बयान ने एक बार फिर शांत माहौल में हलचल पैदा कर दी है।
खास खबर – पायलट बाबा की विरासत के विवाद पर जूना अखाड़ा का नया फार्मूला
बाबा के शिष्य और जूना अखाड़े के महामण्डलेश्वर संजय गिरी ने डीएम एसएसपी सहित तमाम बड़े अधिकारी को पत्र लिखकर अपना संरक्षण करने को कहा है।
महामंडलेश्वर संजय गिरी ने षोडशी भंडारे के बाद बड़ा खुलासा करने का भी दावा किया है।
संजय गिरी ने इस पत्र में अपने आप को आश्रम से निकाले जाने का डर बताते हुए कहा कि पूर्व में उनके द्वारा अपने शिष्यों को सन्यास की दीक्षा दिए के बाद उनको आश्रम से बाहर करने की साजिश की जा रही है।
यही नही उन्होंने अपनी जान का खतरा बताते हुए बाबा के जाने के बाद उत्त्पन्न हुई परिस्थिति में उनका डर ओर अधिक बढ़ जाने की बात कही।
हालांकि संजय गिरी ने यह पत्र पायलट बाबा के देहान्त से पहले 3 अगस्त को लिखा था।
हालांकि संजय गिरी ने बाबा की विरासत को लेकर अपनाए गए फार्मूले पर किसी तरह की कोई टिपण्णी नही की
जूना अखाड़े के महामण्डलेश्वर संजय गिरी के इस बयान के बाद आश्रम प्रबंधन से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया। फिलहाल प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नही मिल पाई है।
बता दे कि 21 अगस्त को महायोगी पायलट बाबा का मुम्बई के कोकिला बेन हॉस्पिटल में देहांत हो गया था।
बाबा के देहांत के बाद उनकी विरासत को लेकर अलग अलग संतो का नाम चल रहा थे।
हालांकि जिसके बाद विवाद से बचने के लिए जूना अखाड़े द्वारा नया फार्मूला निकलते हुए एक रास्ता जरूर निकाला गया।
लेकिन अब भी विरोध के स्वर दबे जरूर है पर शांत नही हुए है।
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