इलेक्ट्राटिक यात्रा सीजन से पहले जाम से जूझ रहे धर्मनगरी और ऋषिकेश के लिए नया प्लान बनाने की तैयारी चल रही है।
अगले 50-60 वर्षों को देखते हुए दोनों शहरों के लिए एक योजना तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है।
मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधू ने बुधवार को ऋषिकेश और डायरेक्ट सिटी से जुड़े अधिकारियों के संबंध में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक ली।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ऋषिकेश और दूर के शहरों को मिलाकर संयुक्त रूप से योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्राचीन और ऋषिकेश तीर्थ और योगा कैपिटल की दृष्टि सेभर विश्व में प्रसिद्ध हैं।
हरिद्वार और ऋषिकेश अलग-अलग शहर होने के बावजूद अपने ट्रेफिक प्लान को अलग-पृथक नहीं बनाया जा सकता।
उन्होंने कहा कि इन दोनों शहरों में एक संयुक्त योजना पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन तैरने को कम से कम 50-60 साल के ट्रैफिक संकुलन को देखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।


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