हरिद्वार हरिद्वार में अवैध अतिक्रमण पर मजार तोड़ने कि प्रशासन की कार्रवाई को लेकर संत और कांग्रेसी विधायक आमने-सामने हो गए हैं
राजनीतिक अदब और आपसी सौहार्द दिखाते हुए दोनों ही एक दूसरे को अपना करीबी बताते हुए एक दूसरे पर हमला करते हुए नजर आ रहे हैं
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी कांग्रेसी विधायक रवि बहादुर को छोटा भाई बता रहे हैं तो वही रवि बहादुर भगवा का सम्मान हमेशा से करने की बात करते हुए रविंद्र पुरी के मजार को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार कर रहे हैं
अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने रवि बहादुर को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि हमारा कोई भी विवाद रवि बहादुर से नहीं है लेकिन उनके द्वारा जो टिप्पणी की गई थी वह गलत थी जिसका हमने विरोध किया लेकिन कुछ अराजक तत्व इस मौके का लाभ उठाकर हम दोनों के बीच गलतफहमियां पैदा कर रहे थे लेकिन हम एक ही धर्म से जुड़े लोग हैं इन अफवाह और छोटी-छोटी बातों पर आपस में विवाद नहीं करते है ।
वहीं रवि बहादुर ने भी अखाड़ा परिषद अध्यक्ष को पूज्यनीय संत मानते हुए कहा कि मेरे द्वारा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी जी पर कोई भी टिप्पणी नहीं की गई एक विषय पर हमारी सोच अलग हुई और प्रशासन द्वारा किए जा रहे गलत कार्य का अखाड़ा परिषद ने समर्थन किया जो कि गलत है संतों का कार्य होता है वह हमें सही दिशा दिखाएं और हम पूजनीय संतो को भगवान का दर्जा देते हैं इसी के साथ रवि बादुर ने कहा कि मेरा अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी के साथ कोई भी विवाद नहीं है।


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