हरिद्वार। अब मेडिकल स्टोर पर दवाओं के मूल्यों की सूची चस्पा करना अनिवार्य होगा।
National Pharmaceutical Pricing Authority ने जारी आदेशों में यह साफ कर दिया है कि केमिस्ट और थोक विक्रेताओं के साथ-साथ ई फार्मेसी पर भी दवाओं की मूल्य सूची सार्वजनिक करनी देगी।
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आदेश में दवा उत्पादन करने वाली फार्मा कंपनियों को यह सूची विक्रेताओं तक उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इस आदेश के बाद तय कीमत से अधिक दाम पर मरीजों को नहीं बेची जा सकेंगी।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने दवा (मूल्य नियंत्रण) आदेश-2013 के तहत 3111 दवाओं के अधिकतम दाम भी तय कर दिए है।
जिसमें कैंसर से लेकर कार्डियोवास्कुलर, शुगर , बीपी, क्रोनिक किडनी रोग, HIV, न्यूरोलॉजिकल विकार, मनोरोग विकार, एनाल्जेसिक, ज्वरनाशक, गैर-स्टेरॉयड और सूजन रोधी दवाएं शामिल हैं।
इस आदेश का हरिद्वार ड्रग्स एसोसिएशन ने स्वागत किया है एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि मूल्यों के निर्धारण की PPRA का इस नियम के तहत अधिक जिम्मेदारी मैन्युफैक्चर को दी गई है।
उन्होंने बताया कि जिसके बाद सभी रीटेलर्स को यह रेट लिस्ट चस्पा करनी होगी जिससे लोग दवाओं के मूल्यों का मिलन कर सके।
उन्होंने बताया कि इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का भी प्रावधान किया गया है।
ई फार्मेसी को भी मानना होगा यह नियम
यह नियम ई फार्मेसी पर भी लागू होगा, इन्हें भी दवाओं की मूल्य सूची को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना होगा।
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