November 5, 2026

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Alknanda Ghat Bhumi bachao Dhami Hatao agitation in Haridwar

अलकनंदा घाट पर “भूमि बचाओ, धामी हटाओ” के आह्वान के साथ कांग्रेस का धरना प्रदर्शन

उत्तराखंड की बेशकीमती भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों पर जनता का हक, सरकार की मनमानी नहीं चलेगी: कांग्रेस

अलकनंदा घाट पर “भूमि बचाओ, धामी हटाओ” के आह्वान के साथ धरना प्रदर्शन; लीज संबंधी निर्णयों और शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग

हरिद्वार।  ज़िला महानगर कांग्रेस कमेटी, हरिद्वार की ओर से उत्तराखंड की बेशकीमती भूमि तथा हरिद्वार स्थित अलकनंदा होटल को लीज पर देने के विरोध में अलकनंदा घाट, रोड़ी बेलवाला में धरना प्रदर्शन किया गया।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपस्थिति एवं ज़िला महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमन गर्ग के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने “भूमि बचाओ, धामी हटाओ” का आह्वान करते हुए सरकार की नीतियों का विरोध किया।

Alknanda Ghat Bhumi bachao Dhami Hatao agitation in Haridwar कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश की भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े फैसले जनता से छिपाकर या जनभावनाओं की अनदेखी करके नहीं किए जा सकते।

सरकार को स्पष्ट करना होगा कि इन निर्णयों से प्रदेश और स्थानीय जनता को क्या लाभ होगा तथा सार्वजनिक हितों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

Alknanda Ghat Bhumi bachao Dhami Hatao agitation in Haridwar पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि केवल आर्थिक मूल्य वाली संपत्ति नहीं, बल्कि राज्य की पहचान, उसके संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

सरकार को जनता ने प्रदेश की संपत्तियों की रक्षा और उनके बेहतर उपयोग की जिम्मेदारी दी है। किसी भी सरकार को यह अधिकार नहीं है कि वह सार्वजनिक संपत्तियों के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर जनता के सवालों से बचती रहे।

उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर लिया जाने वाला हर निर्णय पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदेशहित की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए।

Alknanda Ghat Bhumi bachao Dhami Hatao agitation in Haridwar केवल निवेश का नाम लेने से किसी निर्णय की उपयोगिता सिद्ध नहीं हो जाती।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला महानगर कांग्रेस अध्यक्ष अमन गर्ग और विधायक रवि बहादुर ने कहा कि सरकार अलकनंदा होटल और अन्य संबंधित भूमि की लीज के संबंध में पूरी स्थिति स्पष्ट करे,लीज की अवधि क्या है,

संपत्तियों का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया है, आवंटन की प्रक्रिया क्या है और राज्य को कितना राजस्व प्राप्त होगा—इन सवालों के जवाब जनता को मिलने चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपने निर्णयों को जनहित में मानती है तो संबंधित दस्तावेज और शर्तें सार्वजनिक करने में संकोच क्यों होना चाहिए? उत्तराखंड के लोगों को अपनी संपत्तियों के भविष्य पर सवाल पूछने का पूरा अधिकार है और कांग्रेस इस अधिकार की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।

विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विधायक अनुपमा रावत और वरिष्ठ नेता वीरेंद्र रावत ने कहा कि हरिद्वार की जनता अपनी नगरी की सार्वजनिक संपत्तियों को लेकर सरकार से स्पष्ट जवाब चाहती है।

अलकनंदा होटल से जुड़े निर्णय पर स्थानीय जनता की चिंताओं की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी, सरकार बताए कि सार्वजनिक स्वामित्व।

स्थानीय रोजगार और भविष्य की जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि जनता की संपत्ति के संबंध में फैसला लेने वालों को जनता के सामने उसका पूरा हिसाब भी रखना होगा। मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग केवल बयान देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते,
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संतोष चौहान और प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संजय पालीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार विकास और जनहित के दावे करती है, लेकिन इन दावों की वास्तविक परीक्षा उसके निर्णयों में होती हैं,यदि सार्वजनिक संपत्तियों का संचालन बेहतर बनाने की आवश्यकता है तो सरकार बताए कि सरकारी स्तर पर सुधार के लिए क्या प्रयास किए गए और किन विकल्पों पर विचार किया गया।

क्या स्थानीय हितधारकों की राय ली गई? क्या कर्मचारियों और स्थानीय युवाओं के हितों को सुरक्षित रखने की ठोस शर्तें तय की गईं?,
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता राजबीर सिंह और वरिष्ठ नेता महेश प्रताप राणा ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि किसी भी आर्थिक निर्णय की कीमत जनता के दीर्घकालिक अधिकारों को कमजोर करके नहीं चुकाई जा सकती।

विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजू मिश्रा और ब्लॉक अध्यक्ष रचना शर्मा
ने कहा कि “भूमि बचाओ, धामी हटाओ” प्रदेश की संपत्तियों पर जनता के अधिकार और सरकार की जवाबदेही का आह्वान है, उत्तराखंड के संसाधनों पर पहला दायित्व यहां के लोगों के भविष्य को सुरक्षित करने का है।

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