बद्रीनाथ धाम दान प्रकरण पर उठे सवाल, मठ-मंदिरों की व्यवस्था संतों को सौंपने की मांग तेज
देहरादून। बद्रीनाथ धाम में दान और भेंट राशि से जुड़े कथित अनियमितता के मामले के बाद मंदिर प्रबंधन व्यवस्था को लेकर बहस तेज हो गई है।
विभिन्न संतों और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि मठ-मंदिरों की परंपरागत व्यवस्था को पुनः साधु-संतों के हाथों में सौंपा जाना चाहिए।
निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी वेदमूर्ति गिरी ने बद्रीनाथ चढ़ावा प्रकरण पर सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए सवाल खड़ा किया है कि धार्मिक स्थलों पर साधु संतों की जगह संगठन के लोगों को क्यों बैठाया जा रहा है।
उन्होंने अपने ट्वीट में BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए किसी वरिष्ठ संत को इसकी जिम्मेदारी देने की मांग की है।
उन्होंने अपने ट्वीट में आरोप है कि जब से संगठित प्रशासनिक व्यवस्था के तहत मठ-मंदिरों का संचालन किया जा रहा है, तब से उनकी धार्मिक गरिमा और पारंपरिक महत्व प्रभावित हुआ है।
उनका कहना है कि मंदिरों की व्यवस्था का संचालन धार्मिक परंपराओं और संत समाज की सहभागिता के अनुरूप होना चाहिए।
इसी क्रम में कुछ संतों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने नैतिकता के आधार पर बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष से इस्तीफे की भी मांग की है।
उनका कहना है कि दान और भेंट राशि से जुड़े मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से जो भी आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और प्रशासनिक स्तर पर मामले की समीक्षा की जा रही है।

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