First State Sub standard medicine policy make by Karnataka.
नई दिल्ली। देश में Sub standard दवाओं को लेकर अलग तरह की नीति बनाने वाला कर्नाटक पहला राज्य होगा।
इस नीति के तहत कर्नाटक सरकार बाजार से घटिया दवाओं को तेजी से वापस लेने के लिए अपनी नई NSQ (मानक गुणवत्ता वाली नहीं) रिकॉल नीति तैयार कर रही है।
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देश में अपनी तरह की पहली नीति को DCC की सलाह के बाद तैयार किया जा रहा है।
जिससे नकली या एनएसक्यू घोषित दवाओं के नमूनों पर कार्रवाई करने के लिए कड़े मानदंड लागू करने में सहायक होगी।
कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडू राव के अनुसार, “हम बाजार से घटिया दवाओं के बैचों को तुरंत हटाने के लिए एक मजबूत रिकॉल तंत्र शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इस नीति का पहला कदम सभी खुदरा विक्रेताओं, थोक विक्रेताओं, निर्माताओं और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के विवरण के साथ सॉफ्टवेयर का विकास करना है।
उन्होंने बताया कि इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से हर स्तर पर NSQ के स्टॉक की उपलब्धता का पता लगाया जा सके, जिसे बहुत जल्द लागू किया जाएगा।
हालांकि अभी इसको लागू करने में।कितना समय लगेगा यह साफ नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि अब तक केंद्रीय दवा वापसी नीति के अभाव में, जिसे डीसीसी ने अब संज्ञान में ले लिया है, अब हमें ऐसी दवाओं के प्रचलन को रोकने के लिए एक समर्पित NSQ नीति की महत्वपूर्ण आवश्यकता महसूस हो रही है।
यदि दवाओं का कोई बैच नकली या एनएसक्यू पाया जाता है, तो सुधारात्मक कार्रवाई किए जाने तक विनिर्माण और वितरण लाइसेंस को निलंबित कर दिया जाना चाहिए।
मंत्री राव ने बताया कि यह समय की मांग है कि समयबद्ध तरीके से एनएसक्यू रिकॉल नीति लाई जाए।
इससे नकली दवाओं के निर्माण और वितरण में शामिल लोगों के लिए भारी जुर्माना और कारावास सहित सख्त दंड सुनिश्चित होगा।
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