हरीश रावत के मन की बात गंगा तट पर मांगना चाहते हैं अपनी गलतियों की माफी
देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर अपने मन की बात जाहिर की है।
उन्होंने अपने इस मन की बात में मां गंगा के तट पर अपनी गलतियों की माफी मांगने का जिक्र किया है।
उन्होंने अपने ट्वीट में बढ़ती उम्र के साथ कमजोर होते शरीर का जिक्र भी किया।
उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि 8 से 10 दिन हनुमान जी के मूर्ति के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करें।
हरीश रावत ने कहा कि उनका मन है कि वह गंगा किनारे हरिद्वार में कुटिया में 10 दिन का प्रवास कर मां गंगा के जल से भगवान दक्षेश्वर का जलाभिषेक करें और अपनी उन गलतियों के लिए क्षमा मांगे जिसमें चुनाव में सबसे अधिक दंड उनको भोगना पड़ा है।
अपने उस ट्वीट में उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के लिए उतराखंडियत का कवच तैयार किया था।
भाजपा उस कवच को तो नहीं भेज पाई लेकिन पीएम मोदी ने टोपी पहन कर इस उत्तराखंडी अत को जरूर स्वीकार किया।
उन्होंने लाल कुआं में हुई अपनी पराजय का जिक्र करते हुए कहा की हार और जीत तो होती है मगर विचारों की हार नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि मैं किसी को ना हरिद्वार उधमसिंह नगर और ना ही किसी सीमा जनपदों के लिए कोई नया ऐसा विचार लेकर आगे बढ़ता हुआ देख रहा हूं।
जिसके आगे कहा जाए कि उत्तराखंड इस पर बढ़ते हुए अपनी चुनौतियों का समाधान निकालेगा।
उन्होंने मां गंगा से जलाभिषेक करते हुए इन सब चुनौतियों का समाधान देने की भी प्रार्थना की।
जिसमें चुनाव के दौरान हर बार उन्हें ही हार की सजा मिली।


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