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Haridwar Forest Division की और से कर्मचारियों को दिया गया ट्रेंकुलाइज करने का प्रशिक्षण

हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग (Haridwar Forest Division) ने अपने कर्मचारियों को गुलदार व जंगली जानवरों को ट्रेंकुलाइज करने के लिए एक दिन का प्रशिक्षण शिविर हरिद्वार वन विभाग कार्यालय में आयोजित किया इस प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कर्मचारियों को इस तरह की ट्रेनिंग दी गई है

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गुलदार को किस तरीके से ट्रंकुलाइज कर नियंत्रित किया जाए.पिछले दिनों देखा गया है कि हरिद्वार क्षेत्र में पार्क छेत्र से निकलकर गुलदार आए दिन सड़कों पर या लोगों के घरों में आ जाते हैं और कभी-कभी लोगों को अपना शिकार भी बना लेते हैं। इस तरह की कई घटनाओं को गुलदार अंजाम दे चुके हैं जिससे यहां पर क्षेत्र में कई मौतें भी हो चुकी हैं इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए यहां एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जिसमें यहां गुलदार को ट्रेंकुलाइज कर उसकी गतिविधियों को नियंत्रित करने का प्रशिक्षण दिया गया है।

वाइल्ड लाइफ डॉ अमित ध्यानी ने बताया कि इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य वन कर्मियों को एक्युमेंट्स के बारे में जानकारी देना वह उन्हें कैसे चलाया जाता है यह सब सिखाना है ताकि किसी भी स्थिति में वह कार्य करने में सक्षम हो सके। इस ट्रेनिंग के दौरान वन्य कर्मियों को वन्यजीवों को कैसे ट्रेंकुलाइज किया जाता है उसके बारे में जानकारी दी गई है साथ ही उन परिस्थितियों मैं सूझबूझ से कैसे कार्य करना है यह सब सिखाया गया है।

वहीं वन प्रभाग अधिकारी अकाश वर्मा ने बताया कि पिछले दिनों हरिद्वार क्षेत्र में लेपर्ड द्वारा कई घटनाओं को अंजाम दिया गया है जिसमें दो लोगों की मृत्यु भी हो गई थी जिसको देखते हुए हमारे द्वारा कई प्रयास किए गए और उस लेपर्ड को वन क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में ट्रांसफर कर दिया गया था लेकिन अब इस क्षेत्र में दूसरा लेपर्ड आ गया है जिसको देखते हुए वन कर्मियों को यह प्रशिक्षण देना बहुत ही आवश्यक था इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश वन कर्मियों को उन परिस्थितियों के अनुकूल बनाना है जिस समय लेपर्ड किसी के घर में या फिर सड़कों पर दिखाई पड़ता है।