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शिक्षक भवन के नाम पर शिक्षकों से हो रही वसूली

हरिद्वार। सरकार से शिक्षक भवन के लिए भूमि का आबंटन हुआ नही ओर संघ ने शिक्षकों से 15 लाख की वसूली भी कर ली। भूमि आबंटन की फाइल शासन स्तर पर लंबित होने का हवाला देते हुए वसूली की जा रही है जिससे शिक्षकों में भारी रोष है। शिक्षक भवन के नाम पर वसूली करने वाले शिक्षक नेता पूर्व में विवादित रह चुके हैं तथा बीआरसी परिसर में भी इनके द्वारा कथित रूप से शराब पीकर उत्पात करने एवं शिक्षकों से अभद्रता के आरोप लग चुके हैं।
विदित हो कि शिक्षा विभाग सबसे बड़ा विभाग है खासकर प्राइमरी में शिक्षकों की संख्या भी सबसे ज्यादा है। प्राथमिक शिक्षकों के संगठन उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ इन दिनों शिक्षकों से वसूली को लेकर खासा चर्चा में है। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि संघ द्वारा शिक्षकों से जबरन वसूली की जा रही है। विदित हो कि इस पूरे अभियान के लिए एक प्रपंच रचते हुए जनपद इकाई द्वारा शिक्षक भवन हेतु भूमि आबंटन की मांग सरकार से की गई। इस मांग पर निर्णय मुश्किल ही नही नामुमकिन है। इसका कारण यह है कि जनपद में प्राथमिक, जूनियर, माध्यमिक व अशासकीय कई संगठन है। यदि किसी एक को भूमि दी जाती है तो अन्य भी मांग करेंगे तथा यह मांग 13 अन्य जिलों में भी उठेगी।  इन सबसे आगे बढ़ते हुए संघ ने शिक्षकों को टारगेट देकर पैसे की वसूली भी शुरू कर दी। जिलाध्यक्ष अशोक चौहान ने खुद ऑडियो मैसेज जारी कर कहा कि वह 16 मई तक 1200 से ज्यादा शिक्षकों से 15 लाख 81 हज़ार रुपए एकत्र कर चुके हैं। कई शिक्षक इस मनमानी से परेशान हैं पर सामने कुछ कहने से बचते हैं। जानकारी मिली है कि ब्लॉक पदाधिकारी विद्यालयों के हेड को फोन कर करके जबरन पैसे देने की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि यह सब काम कुछ स्वयंभू पदाधिकारियों द्वारा अपनी सेवानिवृत्ति को देखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इससे पूर्व भी बीआरसी बहादराबाद परिसर विवादित स्थल रहा है। संगठन का नेतृत्व करने वाले लोग खुद विवादित रहे हैं तथा कार्यवाही का सामना कर चुके हैं। अब धन उगाही के लिए बाकायदा बुक छपवाकर लोगो से वसूली हो रही है। तर्क यह भी दिया जा रहा है कि जमीन खुद की भी खरीद सकते हैं। वहीं शिक्षकों का कहना है कि शिक्षक भवन रुड़की या हरिद्वार शहर में बनवाया जाए। परंतु इस पर स्वयंभू नेता कभी राजी नही होंगे क्योंकि उन्हें अपना भविष्य सुरक्षित रखते हुए इसे बहादराबाद में ही बनवाना है। कुल मिलाकर इस तरह से धन वसूली चर्चा का विषय बनी हुई है तथा शिक्षकों में इससे भारी रोष है।