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विडियो-गंगोत्री धाम के पहले दर्शन

विडियो-गंगोत्री धाम के पहले दर्शन और पढ़े यह गांव आज भी मां गंगा को मानता है अपनी बेटी

देहरादून ब्यूरो। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का आगाज हो गया। गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिये जाते हैं।

गंगोत्री धाम के पहले दर्शन………

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उत्तराखंड चार धाम यात्रा के गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने से एक दिन पहले मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन प्रवास मुखवा से गंगोत्री के लिए प्रस्थान करती है। मुखवा गंगोत्री के तीर्थ पुरोहितों सेमवाल बंधुओं का गांव है। जहां बर्फबारी के बाद और गंगोत्री में कपाट बंद होने के चलते गंगा मां की डोली शीतकाल के 6 महीने निवास करती है ।मुखवा में भी गंगोत्री की तर्ज पर ही गंगा मां का मंदिर निर्मित है ।

इस गांव के लिए गंगा आज भी है बेटी

भले ही देश और दुनिया में गंगा को मां की तरह पूजा जाता हो किंतु मुखवा गांव के लोगों के लिए गंगा एक बेटी की तरह है। एक बहन की तरह है और उसी तर्ज पर गंगा की विदाई आज उसके मायके मुखवा से पूरे विधि-विधान और रीती रिवाजों के साथ संपन्न की जाती है ।

गांव के लोगों खासकर महिलाओं की आंखें आज नम होत है, क्योंकि आज उनकी बेटी अपने मायके से विदा हो रही है। गांव के हर घर से कलेवा एकत्र कर मां की डोली यात्रा में ठीक उसी तरह भेजा जाता है जैसे एक बेटी को पिता के घर से ससुराल के लिए भेजने के समय परंपरा निभाई जाती है।