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बेनामी संपत्ति के बाद अब इस मुद्दे पर नया कानून बनाने की हो रही तैयारी

बेनामी संपत्ति के बाद अब इस मुद्दे पर नया कानून बनाने की हो रही तैयारी

बेनामी संपत्ति के बाद अब इस मुद्दे पर नया कानून बनाने की हो रही तैयारी

देहरादून(पकंज पाराशर)। बेनामी संपत्ति के बाद त्रिवेंद्र सरकार अब नशे के खिलाफ नये सिरे से लड़ने की तैयारी कर रही हैं। गुरुवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने यह बात कही। उन्होने नशे के खिलाफ एक नये कानून बनाये जाने की वकालत की। सीएम ‘‘नशे के खिलाफ संयुक्त रणनीति’’ पर आयोजित द्वितीय क्षेत्रीय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

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बेनामी संपत्ति को लेकर सीएम रावत पहले ही राज्य का नया कानून बनाने की बात कह चुके है। उन्होने नशे के खिलाफ बोलते हुए कहा कि नशे के खिलाफ व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की भी जरूरत है। नशे के दुष्प्रभाव के बारे में व नशा मुक्ति के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों एवं अभिभावकों को भी इसमें आगे आना होगा।

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नशे पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यों की पुलिस को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा। इसके लिए खूफिया तंत्र विकसित कर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान देने की भी उन्होंने जरूरत बताई।

इस क्षेत्रीय सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व संबधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड नशे के खिलाफ मुहिम चलाने में हर संभव मदद के लिए तैयार है। इस सम्मेलन में प्रतिभाग कर रहे पांचों राज्यों को नशे के खिलाफ मिलकर कार्य करना जरूरी है। बता दें कि सीएम ने अगले सत्र में बेनामी संपत्ति को लेकर विधेयक लाने की बात कह चुके हैं।