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उत्तराखंड चारधाम यात्रा सरकार के इस कदम से यात्रीयों को नहीं ठग पायेगें ट्रेवल व्यवसायी

उत्तराखंड चारधाम यात्रा यात्रीयों को नहीं ठग पायेगें ट्रेवल व्यवसायी

उत्तराखंड चारधाम यात्रा सरकार के इस कदम से यात्रीयों को नहीं ठग पायेगें ट्रेवल व्यवसायी

देहरादून (अरुण शर्मा)।  सात मई से शुरु होने वाली उत्तराखंड चार धाम यात्रा पर सरकार ने ठोस कदम उठाया हैं। इस बार ट्रेवल व्यवसायीयों की मनमानी को रोकने के लिए यात्रा मार्ग पर बसों की संख्या को चार गुना बढ़ा दी गयी हैं। यही नहीं यात्रीयों को मार्ग में यातायात में कोई परेशानी न हो इसके लिए यात्रा मार्ग पर 50 सीटी बसें चलाने का भी निर्णय लिया गया हैं। यात्रा में अमूमन ट्रेवल व्यवसायीयों के द्वारा यात्रीयों से मनमाने पैसें लेने की शिकायतें आम होती थी। सरकार की इस पहल से इस मनमानी पर रोक लग सकेगा।

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उत्तराखंड चार धाम यात्रा की तैयारीयां पूरी कर ली गयी हैं। सोमवार को तैयारीयों की जानकारी देते हुए गढ़वाल मंडल आयुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि इस बार आॅल वेदर रोड़ से यात्रा बेहद सुरक्षित होगी। उन्होने बताया कि पुलिस , लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी 12 घंटे की शिफ्ट में डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में तैनात रहेगें।

यात्रा पर बढ़ाई बसें

चार धाम यात्रा मार्गों पर बसों की संख्या को बढ़ा दिया गया हैं। चार धाम यात्रा में प्रत्येक दिन 4 बसों की जगह 16 बसें चलायी जायेगी। मंडल आयुक्त ने बताया कि 4 बसें ऋषिकेश, 8 बसें हरिद्वार और 4 अन्य बसें अन्य स्थानों से संचालित की जायेगी। उन्होने बताया कि इसके अलावा 50 सिटी बसों को भी चार धाम यात्रा मार्गों पर चलाया जायेगा।

तीन वैकल्पिक मार्ग

गढ़वाल मंडल आयुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि उत्तराखंड सरकार यात्रा को सफल बनाने को लेकर हो रहे ठोस प्रयास कर रही हैं। उन्होने बताया कि चार धाम यात्रा के तहत तीर्थ यात्रियों को तीन वैकल्पिक मार्ग दिये जा रहे हैं।

—पहला मार्ग हरबर्टपुर होते हुए यमुनोत्री धाम के दर्शनों के लिए रहेगा

—दूसरा मार्ग में हरिद्वार और ऋषिकेश से जा सकेंगे तीर्थयात्री

—तीसरा मार्ग में कोटद्वार से श्रीनगर होते हुए बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के दर्शन कर सकेंगे चार धाम तीर्थ यात्री

पुरुषोत्तम ने बताया कि इन सभी वैकल्पिक मार्गों का प्रचार प्रसार किया जा रहा है। उन्होने बताया कि ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया यात्रा के 15 दिन पूर्व से ही हो चुकी है। इसके अलावा प्रत्येक 2 किलोमीटर पर लैंडस्लाइड जोन चिन्हित किया जा रहा है।