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शाहरुख खान की चाह ने बार्डर पार कर पहुंचाया धर्मनगरी

शाहरुख खान की चाह ने बार्डर पार कर पहुंचाया धर्मनगरी

शाहरुख खान की चाह ने बार्डर पार कर पहुंचाया धर्मनगरी,दो पहाड़ी बन गये ‘बजरंगी भाईजान’

ऋषिकेश(अरुण शर्मा)। फिल्म अभिनेता शाहरूख खान से मिलने की चाह ने अपने देश की सीमा पार कराकर धर्मनगरी पहुंचा दिया। फिर चाय वाला बना उसके लिए बजरंगी भाईजान और उसे उसके घर पहुंचाने की ठान ली। दरअसल नेपाल में रहने वाला एक नाबालिग शाहरुख खान से मिलने की चाह में ऋषिकेश के रायवाला पहुंच गया।

दो दिन से भूखे इस नाबालिग की मदद यहां के दो चायवालों ने की। इतना ही नही नाबालिग के गांव का पता निकालकर उसे नेपाल पहुंचाने का बीड़ा भी उठाया। दोनों दुकानदारों ने गुवाहाटी तक को टिकट दिलाया और कुछ पैसे देकर उसे घर पहुंचने तक की मदद भी की।

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नेपाल के इलाम जगह का रहने वाला एक नाबालिग फिल्म अभिनेता शाहरूख खान को देखने और मिलने की चाह में नेपाल से भारत आ गया। ट्रेन में बैठकर वह कब देहरादून जिले के रायवाला गांव पहुंच गया इसका उसे पता ही नही चल पाया। रायवाला स्टेशन के समीप चाय पीते हुए उसकी दोस्ती चाय वाले से हो गयी।

चाय वाले के पूछने पर उसने बताया कि वह नेपाल से आया है और शाहरूख खान से मिलना और देखना चाहता है। चाय विक्रेता सोकेश राजभर ने इसके बारे में अपने पडोसी दुकानदार पूरण कुमार मोघा को बताया जिसके बाद सोकेश और पूरण ने नाबालिग से उसके बारे में जानकारी जुटाई नाबालिग ने बताया कि उसका नाम लकपा संघे सेरपा है और वह नेपाल के इलाम जगह का रहने वाला है।

उसका एक भाई भी जो नेपाल में माता पिता के साथ है। उसने बताया कि उसने अभिनेता शाहरूख खान की फिल्में देखी जिसके बाद उसके मन में शाहरूख खान से मिलने की जाह जगी और वह नेपाल से भारत आ गया। उसने बताया कि अब उसके पास न तो खाने के लिए पैसे है और न ही नेपाल वापस जाने के लिए। पैसे न होने के कारण उसने दो दिन से खाना भी नही खाया था।

नाबालिग के मासूम चेहरे को देखकर पूरण और सोकेश ने मदद करने की ठान ली। जिसके बाद दोनों ने उसके खाने और सोने तक की व्यवस्था भी सोकेश ने अपने घर से उसे स्वेटर लाकर दी। सोकेश और पूरण ने मन बना लिया था कि वह इस नाबालिग को नेपाल तक भेजने की व्यवस्था भी करेंगे।

नाबालिग को खाना खिलाने के बाद उसे मसूरी एक्सप्रेस ट्रेन में बैठा दिया गया नाबालिग को दिल्ली से गुवाहाटी और फिर नेपाल तक पहुंचने के उसे कुछ पैसे भी दिए गए ताकि नाबालिग सही सलामत नेपाल अपने माता पिता के पास पहुंच सके। नाबालिग ने सोकेश कहा कि वह नेपाल पहुंचकर उनको फोन करेगा।