24x7breakingpoint

Just another WordPress site

गंगा किनारे लगा भारत-नेपाल मैत्री का अनूठा संगम

गंगा किनारे लगा भारत-नेपाल मैत्री का अनूठा संगम

गंगा किनारे लगा भारत-नेपाल मैत्री का अनूठा संगम

हरिद्वार(कमल खड़का)। रविवार को भारत-नेपाल मैत्री की अदभूत मिसाल वीआईपी घाट पर देखने को मिली। गी। नेपाल विद्यार्थी संघ के तत्वाधान में आयोजित वनभोज कार्यक्रम में जंहा बच्चों ने अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेरा वहीं नेपाल और भारत की मिलीजुली संस्कृति देखने को मिली। कार्यक्रम में हरिद्वार,देहरादून,रुड़की और ऋषिकेश से लोगों ने शिरकत किया। आपको बता दें कि नेपाल विद्यार्थी संघ वार्षिक वनभोज कार्यक्रम को पिछले 48 सालों से आयोजित करते आ रहे हैं।

खास खबर—हरिद्वार के इस विधायक पर मेहरबान दिखायी दिये सीएम

 

बच्चों ने पेश की मनमोहक प्रस्तुति……

हरिद्वार के वीआईपी घाट पर आयोजित वनभोज कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में नेपाली गीतों और भारतीय गीतों पर आराधना सुबेदी व खुशी ने अपनी प्रस्तुति दी व कई बच्चों ने अपनी अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम मे चार चाँद लगा दिए। कार्यक्रम मे देहरादून, डोईवाला, छिददरवाला, रायवाला, ऋषिकेश व नेपाली फार्म, रूड़की जवाला पुर, हरिद्वार से आये लोगों का परिचय कराया गया। कार्यक्रम में मदन कौशिक मुख्य रुप से उपस्थिति रहें। वहीं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रहमचारी ने कहा कि किसी समुदाय के लिए उसकी संस्कृति बहुत मायने रखती हैं। आज का कार्यक्रम इसी बात को दर्शाता की व्यक्ति की पहचान उसके धर्म और जाति से हैं।

पदम प्रसाद सुबेदी ने कहा कि कार्यक्रम का आयोजन इस बात को दर्शाता है कि अपने समाज के लिए सभी को एक जुट होना चाहिए। उन्होने कहा कि आज के समय में अपने समाज को एकजुट रख सभी को साथ लेकर चलना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस तरह के कार्यक्रम समाज को एक धागे में बांधे रखने में मददगार होते हैं। उन्होने कहा कि इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

नेपाली कार्यक्रम मे पदम प्रसाद सुबेदी,विजय शर्मा सुबेदी,बीजेपी पार्षद अनिरुद्ध भाटी, लोकनाथ सुबेदी, महंत दिनेश दास, आचर्य रामचंद्र, नरेंद्रराज उपाध्याय, शेखर नेपाल मनोज जोशी, उमेश जोशी, भुवन अधिकारी, एकराज भंडारी, सुरेश जोशी, शमशेर बहादुर बम, रामप्रसाद शर्मा, कमला थापा, सारिका प्रधान, सूर्य विक्रम शाही, कमल खड्का आदि उपस्थिति थे